मणिपुर, अरुणाचल व नगालैंड ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित : केंद्र ने 6 माह के लिए बढ़ाया AFSPA

नई दिल्ली, 25 सितम्बर। केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों – नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के चिह्नित क्षेत्रों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA), 1958 को एक अक्टूबर से अगले छह माह के लिए बढ़ा दिया है। शुक्रवार को प्रकाशित राजपत्र अधिसूचनाओं में यह जानकारी दी गई।

गृह मंत्रालय ने जारी तीन अलग-अलग अधिसूचनाओं में कहा कि यह फैसला तीनों राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया। ये बढ़ी हुई अवधि 31 मार्च, 2027 तक लागू रहेगी, जब तक कि इन्हें पहले वापस नहीं लिया जाता।

5 जिलों के 13 थाना क्षेत्रों को छोड़ पूरा मणिपुर ‘अशांत क्षेत्र‘ घोषित

मणिपुर की बात करें तो गृह मंत्रालय ने राज्यभर में ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित करने की अवधि बढ़ा दी है। हालांकि, पांच जिलों के 13 थानों के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों को इससे बाहर रखा गया है। बाहर रखे गए क्षेत्रों में इम्फाल पश्चिम जिले के इम्फाल, लांफेल, सिटी, सिंगजामेई, पटसोई और वांगोई थानों के तहत आने वाले क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा इम्फाल पूर्व जिले के पोरोमपत, हेंगांग और इरिलबुंग पुलिस थाने, थौबल जिले का थौबल पुलिस थाना, बिष्णुपुर जिले के बिष्णुपुर और नामबोल थाने तथा काकचिंग जिले का काकचिंग थाना क्षेत्र भी इससे बाहर हैं।

नगालैंड के 9 जिलों में बढ़ाया गया अफस्पा

नगालैंड में अफस्पा को 9 जिलों- दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिरे, नोकलाक, फेक, पेरेन और मेलुरी में बढ़ाया गया है। अधिसूचना के अनुसार नगालैंड के पांच अन्य जिलों (कोहिमा, मोकोकचुंग, लोंगलेंग, वोखा और जुन्हेबोटो) के 21 थानों के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों को भी शामिल किया गया है।

अरुणाचल में असम की सीमा से लगे नामसाई जिले के कुछ क्षेत्र में दायरे में रहेंगे

अरुणाचल प्रदेश में अफस्पा को तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों में बढ़ाया गया है। इसके अलावा असम की सीमा से लगे नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौखम थानों के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके भी इसके दायरे में रहेंगे। अधिसूचना में कहा गया कि ये फैसले तीनों राज्यों में ‘कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा’ के बाद लिए गए हैं।

केंद्र के अनुसार यह अधिसूचना पूर्वी अरुणाचल बेल्ट के लिए जरूरी है, जहां सुरक्षा एजेंसियां ​​लगातार विद्रोही गतिविधियों, सीमा पार पार गतिविधि और म्यांमार से जुड़े रास्तों से नशीले पदार्थों की तस्करी पर ध्यान दे रही हैं।

केंद्र को किसी इलाके को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित करने का अधिकार देता है यह कानून

उल्लेखनीय है कि 1958 में बना सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा) एक ऐसा कानून है, जो केंद्र सरकार को किसी इलाके को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित करने का अधिकार देता है, जब वह हालात को इतना खतरनाक मानती है कि वहां सेना तैनात करने की जरूरत है। ऐसे इलाकों में सेना के जवानों के पास कुछ खास अधिकार होते हैं, जिसमें खास हालात में बल इस्तेमाल करने, बिना वारंट के गिरफ्तार करने और जगह की तलाशी लेने का अधिकार शामिल है।

पूर्वोत्तर के अलावा यह कानून जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी लागू होता है। सुरक्षा की स्थिति में सुधार होने पर AFSPA की समय-समय पर समीक्षा की गई है और कई इलाकों से इसे हटा लिया गया है।

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