अप्रैल माह में देश के निर्यात में 12.7 प्रतिशत की वृद्धि, कुल निर्यात 73.80 अरब डॉलर पर पहुंचा

नई दिल्ली, 15 मई। अप्रैल माह में वस्तु और सेवाओं के निर्यात में भारत ने 12.7% की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार भारत का कुल निर्यात पिछले वर्ष अप्रैल के 65.48 अरब डॉलर की तुलना में इस वर्ष अप्रैल में73.80 अरब डॉलर तक पहुंच गया जबकि वैश्विक स्तर पर अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसमें से वस्तुओं का निर्यात 9.03% बढ़कर 38.49 अरब डॉलरर रहा।

वस्तुओं के निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक और इंजीनियरिंग उत्पादों ने सबसे अधिक योगदान दिया। इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात जहां अप्रैल, 2024 के 2.65 अरब डॉलर से 39.51% बढ़कर 3.69 अरब डॉलर हो गया वहीं इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात भी 11.28% की बढ़ोतरी के साथ 9.51 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष इसी महीने 8.55 अरब डॉलर था।

रत्न और आभूषण का निर्यात 10.74% बढ़कर 2.5 अरब डॉलर हो गया, जो अप्रैल, 2024 में 2.26 अरब डॉलर था। रेडीमेड कपड़ों के निर्यात में 14.43% की मजबूत वृद्धि हुई और यह 1.37 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह 1.2 अरब डॉलर था।

वहीं चावल के निर्यात में भी 13.63% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 0.95 अरब डॉलर से बढ़कर 1.08 अरब डॉलर हो गया। कृषि क्षेत्र की यह सफलता बेहतर मानसून और खाद की पर्याप्त उपलब्धता के कारण मानी जा रही है। समुद्री उत्पादों (Marine products) के निर्यात में 17.81% की वार्षिक बढ़ोतरी देखी गई, जो 0.49 अरब डॉलर से बढ़कर 0.58 अरब डॉलर हो गया।

दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात भी 2.37% बढ़कर 2.43 अरब डॉलर से 2.49 अरब डॉलर हो गया। भारत की सेवाओं के आयात अप्रैल, 2024 में 16.76 अरब डॉलर से बढ़कर इस साल 17.54 अरब डॉलर हो गया। इसके बावजूद, सेवाओं के क्षेत्र में भारत को 17.77 अरब डॉलर का सरप्लस मिला है।

हालांकि वस्तु के क्षेत्र में भारत का व्यापार घाटा (merchandise trade deficit) अप्रैल में बढ़कर 21.54 अरब डॉलर हो गया है, लेकिन सेवाओं के क्षेत्र में हुए लाभ की वजह से कुल व्यापार घाटा सिर्फ 8.65 अरब डॉलर रहा, जो एक प्रबंधनीय स्तर पर है। अप्रैल, 2025 में भारत का कुल आयात (वस्तु और सेवाएं मिलाकर) 82.45 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 15.72% अधिक है।

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