होर्मुज पर ईरानी गार्ड की काररवाई से फिर बढ़ा तनाव : गोलाबारी के बीच पीछे हटे तेल से भरे दो भारतीय जहाज
तेहरान, 19 अप्रैल। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की घोषणा के 24 घंटे के अंदर ईरान ने यू-टर्न लिया और शनिवार को इस अहम जलमार्ग पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिया। बात यहीं तक सीमित नहीं थी वरन ईरानी गार्ड्स ने होर्मुज की खाड़ी में दो जहाजों पर गोलीबारी की, जिससे क्षेत्र में फिर तनाव बढ़ गया।
होर्मुज स्ट्रेट खोलने के अपने फैसले से एक दिन में ही पलट गया ईरान
दरअसल, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोलने की घोषणा की थी, जिसके बाद अमेरिका ने कहा था कि इस कदम से उसकी होर्मुज पर नाकेबंदी समाप्त नहीं होगी। बस फिर क्या था, ईरान ने शनिवार को अपना फैसला पलटने के साथ होर्मुज समुद्री जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दो जहाजों यानी टैंकर पर चलाईं गोलियां
इसी क्रम में होर्मुज की खाड़ी में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दो जहाजों यानी टैंकर पर गोलियां चलाईं। इस गोलीबारी के बीच दो भारतीय जहाजों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा। इनमें से एक भारतीय झंडे वाला बड़ा टैंकर है, जिसमें 20 लाख बैरल इराकी तेल भरा हुआ था।
अपने इस ताजा फैसले के पीछे ईरान का कहना था कि अमेरिका ने उसके बंदरगाहों और जहाजों पर नाकेबंदी कर रखी है, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसके कुछ ही देर बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के दो गनबोट यानी हथियारबंद छोटी नौकाएं एक टैंकर के पास पहंचीं और उन पर गोलियां चला दीं।
गोलीबारी के शिकार जहाज का स्टाफ सुरक्षित
ब्रिटिश मिलिट्री के UKMTO यानी यूके मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि जिस टैंकर पर गोलियां चलाई गईं, वो और उसका क्रू यानी जहाज का स्टाफ सुरक्षित है। हालांकि उन्होंने उस जहाज का नाम या वो कहां जा रहा था, यह नहीं बताया. लेकिन ऐसी खबरें हैं कि इसमें एक जहाज भारत का है।
20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर चला था भारतीय झंडे वाला जहाज
वहीं टैंकर ट्रैकर्स नाम की एक वेबसाइट ने, जो समुद्र में जहाजों की लोकेशन ट्रैक करती है, बताया कि दो भारतीय जहाज होर्मुज की खाड़ी से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। गोलीबारी की खबर आते ही दोनों जहाजों ने अपना रास्ता बदला और पलट गए। इनमें से एक जहाज भारतीय झंडे वाला बहुत बड़ा टैंकर है। इसमें 20 लाख बैरल इराकी तेल भरा हुआ था। यह तेल इराक से खरीदा गया था और किसी और देश को पहुंचाया जाना था, लेकिन अब यह जहाज बीच रास्ते से वापस आ गया।
22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है दो हफ्ते का युद्ध विराम
तनातनी के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि बिना उसकी इजाजत के कोई भी जहाज नहीं गुजर सकता। अमेरिका की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। बुधवार 22 अप्रैल को दो हफ्ते का युद्ध विराम खत्म होने वाला है। यदि तब तक कोई समझौता नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं और दुनिया के तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
