उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर निहंग सिखों और पुलिस के बीच तनाव, 4 साथियों की रिहाई की मांग को लेकर हुआ हंगामा
देहरादून, 26 जून। उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई हिंसक घटना के बाद उपजा विवाद अब एक बार फिर गहरा गया है। गुरुवार रात हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर निहंग सिखों के जत्थे और उत्तराखंड पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पार कर कुछ निहंग उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कर गए, जिन्हें पुलिस ने रोकते हुए वापस हिमाचल प्रदेश की ओर भेज दिया।
मोहाली से निकला था जत्था
जानकारी के मुताबिक, मोहाली के एक गुरुद्वारे से निहंग सिखों का जत्था अपने चार गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग को लेकर कर्णप्रयाग के लिए रवाना हुआ था। प्रशासन को पहले से इस कूच की सूचना थी, जिसके चलते कुल्हाल बॉर्डर पर भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति
बॉर्डर पर पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने निहंग प्रतिनिधियों से कई दौर की बातचीत कर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। हालांकि सहमति नहीं बनने पर रात करीब 10 बजे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान 15 से 20 निहंग बैरिकेड पार कर उत्तराखंड की सीमा में दाखिल हो गए, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
16 जून की घटना से जुड़ा है पूरा मामला
दरअसल, 16 जून को कर्णप्रयाग में श्री हेमकुंड साहिब से लौट रहे निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस मामले में पुलिस ने चार निहंग सिखों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन्हीं चारों की रिहाई की मांग को लेकर निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग कूच का ऐलान किया था।
निहंग प्रतिनिधि बोले- टकराव नहीं, समाधान चाहते हैं
निहंग प्रतिनिधि अकाली जसदीप सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का संघर्ष नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की गलतफहमी हुई है तो वे भाईचारे की भावना से माफी मांगने को भी तैयार हैं। उनकी मांग है कि गिरफ्तार चारों साथियों को रिहा किया जाए और उन्हें हेमकुंड साहिब की यात्रा पूरी करने दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक उनके साथी रिहा नहीं होंगे, तब तक वे वापस पंजाब नहीं लौटेंगे।
पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि प्रशासन लगातार निहंग प्रतिनिधियों के संपर्क में है और शांति बनाए रखने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग पुलिस की बात मान गए थे, लेकिन कुछ लोगों ने जबरन बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिन्हें समय रहते रोक दिया गया। फिलहाल पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
