नई दिल्ली, 12 अगस्त। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात के गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के पुस्तकालयों को आपस में जोड़ने के लिए विकसित ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ एप का शुभारंभ किया।
गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक पुस्तकालयों का विशाल नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिन्हें आपस में इंटरलिंक कर नॉलेज का बड़ा केंद्र बनाने के लिए आज ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ ऐप का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण किया।
પુસ્તકાલય કોઈપણ દેશના… pic.twitter.com/7QfolToBqB
— Amit Shah (@AmitShah) August 12, 2026
राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के अवसर पर शुरू की गई पहल का ये है उद्देश्य
राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य गांधीनगर, कलोल और साणंद विधानसभा क्षेत्रों के गांवों में बच्चों को पढ़ने की आदत से जोड़ना और उन्हें गांव में ही ज्ञान के व्यापक संसाधन उपलब्ध कराना है। इस एप से अब तक 752 पुस्तकालय जुड़ चुके हैं, जबकि 2 लाख 80 हजार पुस्तकों वाले चार बड़े पुस्तकालयों को ग्रामीण पुस्तकालयों के साथ जोड़ा गया है।
हर गांव में पुस्तकालय शुरू करने का लक्ष्य
वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज एस. आर. रंगनाथन की जयंती है और देश इस दिन को राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के रूप में मना रहा है। इसी अवसर पर गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ के रूप में नए विचार और नए कॉन्सेप्ट की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य हर गांव में बच्चों को पढ़ाई-लिखाई और पुस्तकों की ओर ले जाने के लिए पुस्तकालय शुरू करना है।
ગાંધીનગર લોકસભા ક્ષેત્રના પુસ્તકાલયોને ઇન્ટિગ્રેટ કરવા માટે બનેલી 'ગ્રામીણ જ્ઞાન સેતુ' એપનો શુભારંભ કરી રહ્યો છું.
गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के पुस्तकालयों को इंटीग्रेट करने हेतु ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ ऐप का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा शुभारंभ कर रहा हूँ। https://t.co/6ZKNKE3fXB
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गांधीनगर, कलोल और साणंद विधानसभा क्षेत्रों के सभी गांवों में खुलेंगे पुस्तकालय
गांधीनगर, कलोल और साणंद विधानसभा क्षेत्रों के सभी गांवों में 5-6 हजार पुस्तकों वाले 63 पुस्तकालय खोलने की शुरुआत की गई है। ये पुस्तकालय स्कूल के पास और गांव के बीच में स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों और ग्रामीणों के लिए इन तक पहुंच आसान हो।
बच्चों की रुचि के अनुरूप तैयार की गई पुस्तकों की सूची
गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद इन पुस्तकालयों के लिए ऐसी पुस्तकों की सूची तैयार की है, जो बच्चों में पढ़ने की रुचि पैदा करेंगी और उन्हें ज्ञान के व्यापक संसार से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। पुस्तकालयों में बच्चों के लिए उपयोगी पुस्तकों के साथ किशोरों और युवाओं के करियर से जुड़ी पुस्तकें तथा राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। गुजरात का इतिहास, देश का इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और 1857 की क्रांति से संबंधित पुस्तकें भी गांव के पुस्तकालयों में उपलब्ध होंगी।
चार बड़े पुस्तकालयों से जुड़ेंगे ग्रामीण पाठक
अमित शाह ने कहा कि बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने में माता-पिता की प्रेरणा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्रामीण पुस्तकालयों को 2 लाख 80 हजार पुस्तकों से युक्त चार बड़े पुस्तकालयों के साथ जोड़ा गया है, जिससे गांव के बच्चों को स्थानीय पुस्तकालय में उपलब्ध 5-6 हजार पुस्तकों से कहीं अधिक व्यापक पुस्तक संग्रह तक पहुंच मिल सकेगी।
આજે રાષ્ટ્રીય ગ્રંથપાલ દિવસ નિમિત્તે ગાંધીનગર લોકસભાના લોકલાડીલા સાંસદ અને માનનીય કેન્દ્રીય ગૃહ અને સહકાર મંત્રી શ્રી અમિતભાઈ શાહની પ્રેરક વર્ચ્યુઅલ ઉપસ્થિતિમાં 'ગ્રામીણ જ્ઞાન સેતુ' એપનું ઈ-લોકાર્પણ સંપન્ન થયું.
ગ્રામીણ જ્ઞાન સેતુ પ્લેટફોર્મ પર આશરે 2.75 લાખથી વધુ પુસ્તકોની… pic.twitter.com/3Ishfb1mpF
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हर 15 दिन में गांवों तक पहुंचेंगी नई पुस्तकें
गृह मंत्री ने बताया कि सांसद निधि से वैन की व्यवस्था की गई है। ये वैन हर 15 दिन में गांवों में जाएंगी, पहले उपलब्ध कराई गई पुस्तकों को वापस लेंगी और ऐप पर पंजीकृत पुस्तकों को संबंधित ग्रामीण पुस्तकालयों तक पहुंचाएंगी। इससे बच्चों और अन्य पाठकों को नियमित रूप से नए विषयों और पुस्तकों तक पहुंच मिल सकेगी।
752 पुस्तकालय एप से जुड़े
अमित शाह ने कहा कि उन्होंने ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ का विचार रखा था, जिसे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गुजरात सरकार ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया है। आज इस एप से 752 पुस्तकालय जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय में पारंगत होना तो दूर, प्राथमिक ज्ञान हासिल करने के लिए भी पढ़ाई जरूरी है। बच्चे से किशोर, किशोर से युवा और युवा से नागरिक बनने की प्रक्रिया में यदि योग्य ग्रंथपाल पढ़ने के विषय और उसके अलग-अलग आयामों पर मार्गदर्शन करें तो पुस्तकालय देश के लिए उपयोगी नागरिक तैयार करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
माणसा के पुस्तकालय से जुड़ीं अपनी स्मृतियां साझा कीं
अमित शाह ने माणसा के महात्मा गांधी पुस्तकालय का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे भी इस पुस्तकालय योजना से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 16 वर्ष तक इस पुस्तकालय में अनेक विषयों का प्राथमिक ज्ञान हासिल किया और कुछ विषयों में गहरी जानकारी प्राप्त की। माणसा से अहमदाबाद आने के बाद वे गुजरात विद्यापीठ के पुस्तकालय से जुड़े। उन्होंने कहा कि काकासाहेब कालेलकर ने उनके जैसे अनेक युवाओं के लिए गुजरात विद्यापीठ के पुस्तकालय में ज्ञान के समुद्र में गोता लगाने का साधन उपलब्ध कराया था। विभिन्न विषयों की जानकारी हासिल करने की प्रवृत्ति धीरे-धीरे आदत और फिर अभ्यास में बदल गई। उन्होंने कहा कि इसी अभ्यास ने उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने की योग्यता हासिल करने में मदद की और इसमें पुस्तकालय की बड़ी भूमिका रही।
LIVE: ગાંધીનગર ખાતે માનનીય કેન્દ્રીય ગૃહ અને સહકાર મંત્રી શ્રી અમિતભાઈ શાહની વર્ચ્યુઅલ ઉપસ્થિતિમાં ‘ગ્રામીણ જ્ઞાન સેતુ એપ’ ઈ-લોકાર્પણ કાર્યક્રમ. https://t.co/xvNdevEtZt
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‘हब एंड स्पोक’ मॉडल से जुड़े पुस्तकालय
गृह मंत्री ने कहा कि ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ के तहत ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर पुस्तकालयों और पुस्तकों को युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके समय में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं थी, लेकिन आज की पीढ़ी के लिए तकनीक के माध्यम से यह सुविधा वैज्ञानिक तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। उनका प्रयास है कि सस्तु साहित्य मंडल, गीता प्रेस, भूपेन हजारिका संस्थान और तिरुवल्लुवर संस्थान जैसे संस्थान गुजरात के गांधीनगर जिले और राज्य स्तर के पुस्तकालयों से ऑनलाइन जुड़ें। इससे विद्यार्थियों और पाठकों को तकनीक के माध्यम से व्यापक ज्ञान सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
गृहिणियों से बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील
अमित शाह ने देश और राज्य की गृहिणियों से भी आग्रह किया कि वे अपने खाली समय का सदुपयोग विभिन्न विषयों की जानकारी हासिल करने में करें और अपने बच्चों को पढ़ने की दिशा में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए परिवार का वातावरण महत्वपूर्ण है और माता-पिता की प्रेरणा बच्चों को पुस्तकालय तथा पुस्तकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।

