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NEET-पुनर्परीक्षा से पहले प्रतिबंध के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा टेलीग्राम, केंद्र के फैसले को दी चुनैती

NEET-पुनर्परीक्षा से पहले प्रतिबंध के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा टेलीग्राम, केंद्र के फैसले को दी चुनैती

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नई दिल्ली, 17 जून। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) की पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने 21 जून तक टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। अब इस फैसले के खिलाफ टेलीग्राम ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला जस्टिस तेजस करिया की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने रखा गया, जिन्होंने इस मामले की सुनवाई करने पर सहमति जता दी।

सरकार का यह कदम NEET UG पेपर लीक विवाद के बाद उठाया गया है, जिसके कारण प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा (री-टेस्ट) कराने का फैसला किया गया था। अधिकारी परीक्षा से पहले सुरक्षा में किसी भी तरह की और चूक को रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।

पेपर लीक की जांच पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा से पहले WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग प्लेफॉर्म के जरिए PDF फॉर्मेट में प्रश्न पत्र फैलाए जाने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर कथित तौर पर असर पड़ा था।

अधिकारियों का मानना ​​है कि री-टेस्ट से पहले परीक्षा से जुड़ी अनधिकृत सामग्री को फैलने से रोकने की कोशिशों के तहत यह अस्थायी प्रतिबंध लगाने पर विचार किया गया था। Telegram ने अब सरकार के फैसले के खिलाफ राहत की मांग करते हुए हाई कोर्ट में इस प्रस्तावित काररवाई को चुनौती दी है।

NTA ने प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध का स्वागत किया

इसके पूर्व नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए इसे मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता और शुचिता की रक्षा की दिशा में एक कदम बताया। फैसले के बाद जारी एक बयान में, NTA ने कहा कि यह प्रतिबंध इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2020 की धारा 69A के तहत दिए गए निर्देश के जरिए लगाया गया था। यह आदेश, 22 जून को समाप्त होने वाली एक निश्चित और कम अवधि के लिए Telegram तक एक्सेस को सीमित करता है।

एजेंसी के अनुसार, हाल के हफ्तों में कई Telegram चैनलों को लेकर चिंताएं जताई गई थीं, जिनके नाम कथित तौर पर लीक हुए परीक्षा पत्रों और संगठित गड़बड़ी से जुड़े होने का संकेत देते थे। खबरों के मुताबिक, कुछ चैनलों ने ‘Paper Leaked NEET’, ‘Re-NEET 2026’, ‘Private Mafia’ और ‘Ree NEET Mafiaa’ जैसे नामों का इस्तेमाल किया था।

यह काररवाई NTA और शिक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई प्रतिक्रियाओं के बाद की गई। अधिकारियों ने कहा कि भ्रामक जानकारी को फैलने से रोकने और आगामी री-एग्जामिनेशन के संचालन को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए यह कदम ज़रूरी था। NTA ने कहा कि अस्थायी प्रतिबंध से NEET री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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