नई दिल्ली, 5 सितम्बर। सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश में हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद हुई है। उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में हिरासत में लिया गया था। कोर्ट के आदेश पर भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
स्वतंत्र भारद्वाज को कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित जज के आवास पर पेश किया गया। इस बीच संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई क्योंकि उनके समर्थक वहां प्रदर्शन करने के लिए जमा हो गए थे। पुलिस अधिकारी के अनुसार रणनीतिक स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया।
पॉक्सो एक्ट के तहत नई एफआईआर
सीजेपी की नाबालिग कार्यकर्ता निशु आजाद की शिकायत पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शुक्रवार की रात ही पॉक्सो एक्ट के तहत नई एफआईआर भी दर्ज की गई थी। शिकायत में ऑनलाइन धमकियों और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधान लागू किए गए हैं।
ये है स्वतंत्र भारद्वाज का पूरा विवाद
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कथित हमले से जुड़े एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी के प्रावधान भी जोड़े थे। यह काररवाई एक इंटरव्यू के बाद हुई, जिसमें भारद्वाज ने दावा किया था कि उन्होंने 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान नाबालिग कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर पर प्रहार किया था। हालांकि, चोट को लेकर अलग-अलग तरह के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। बाद में एक पॉडकास्ट में उन्होंने आत्मरक्षा का दावा किया था।
संसद मार्ग थाने पर हो रहा प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि संजय कुमार को लगी चोटें ‘साधारण’ प्रकृति की थीं और स्टील के कंगन से लगी थीं। सीजेपी ने शुक्रवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन कर भारद्वाज के खिलाफ काररवाई की मांग की थी।
समूह ने हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और एससी/एसटी एक्ट के प्रावधान जोड़ने की भी मांग की थी। हालांकि, इसके विरोध में शनिवार को संसद मार्ग थाने पर हिन्दूवादी संगठन भी प्रदर्शन करने पहुंच गए।


