नई दिल्ली, 19 जुलाई। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल ने रविवार को हेल्थ बुलेटिन जारी किया। अस्पताल के अनुसार, वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
24 घंटे मेडिकल निगरानी में हैं सोनम वांगचुक
सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार दिया जा रहा है। उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत (Vital Parameters) स्थिर हैं, हालांकि ब्लड पैरामीटर में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक उपवास रहने से शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से उन्हें मल्टी-डिसिप्लिनरी विशेषज्ञ टीम की निगरानी में रखा गया है और उनकी क्लिनिकल स्थिति व रक्त संबंधी जांच की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कराया गया था भर्ती
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के बाद दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।
किस मुद्दे को लेकर कर रहे थे अनशन?
सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में शामिल हुए थे। यह आंदोलन 6 जून से कथित नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा है। वांगचुक ने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था।
विपक्षी नेताओं ने जताया विरोध
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर कई विपक्षी नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि शांतिपूर्ण भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना गलत है। उन्होंने पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दों को देश के भविष्य से जुड़ा बताते हुए कहा कि इन सवालों को उठाने से किसी को रोका नहीं जा सकता। इसके अलावा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शरद पवार और संजय राउत समेत कई नेताओं ने भी पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की।

