सर्वदलीय बैठक में TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, पहले किया वॉकआउट, फिर हुआ शामिल
नई दिल्ली, 19 जुलाई। संसद के मॉनसून सत्र से एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार की ओर से आहूत सर्वदलीय बैठक में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और प्रतीकात्मक वॉकआउट कर दिया। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।
Attended the All Party Floor leaders meeting before the commencing of the Monsoon Session of Parliament. pic.twitter.com/6c9TICBH6w
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) July 19, 2026
TMC ने उठाया बागी सांसदों का मुद्दा – धर्मेंद्र यादव
लगभग तीन घंटे तक चली सर्वदलीय बैठक के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि TMC के नेताओं ने सवाल उठाया कि आधिकारिक TMC सांसदों की जगह पहले बागी सांसदों की सूची क्यों दिखाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अलोकतांत्रिक है।
महुआ मोइत्रा बोलीं – यह गलत परंपरा
वहीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि जब ये सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं तो उन्हें सर्वदलीय बैठक में क्यों बुलाया गया। उन्होंने कहा कि बागी सांसदों को आमंत्रित करना गलत परंपरा है.
विपक्ष ने किया प्रतीकात्मक वॉकआउट
विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बैठक से बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और TMC के बागी सांसदों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।
महुआ मोइत्रा ने साधा निशाना
महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (UBT) समेत पूरे विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक से प्रतीकात्मक वॉकआउट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-मान्यता प्राप्त NCPI को बैठक में बुलाया गया जबकि उसके 20 बागी सांसदों के विलय को अब तक लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूरी नहीं दी है और उनकी अयोग्यता संबंधी याचिकाएं लंबित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर संसदीय कार्य मंत्री ने इन सांसदों को किस आधार पर बैठक का निमंत्रण दिया।
भाजपा पर भड़कीं महुआ माझी
इसी क्रम में जेएमएम की राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने कहा कि भाजपा लगातार दूसरे दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है और उसे अब भी कुछ सीटों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन (Delimitation) से जोड़ दिया है।
महुआ माझी ने आशंका जताई कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन होने पर झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटें कम हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सीटें कम नहीं होने का भरोसा दे और विपक्ष सहमत हो तो उनकी पार्टी अपने रुख पर विचार कर सकती है।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष से की सहयोग की अपील
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनेगी और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी सरकार की बात सुनेगा क्योंकि संसद जितनी बेहतर चलेगी, देश को उतना ही फायदा होगा।
