काठमांडू, 29 सितंबर। नेपाल में 24 से 28 सितंबर के बीच लगातार बारिश के चलते आई बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इन घटनाओं में कम से कम 27 लोगों की मौत हुई है, जबकि सात लोग घायल हुए हैं। चार लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है। प्रधानमंत्री सचिवालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस अवधि में मॉनसून से जुड़ी 513 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनसे देशभर में 1,065 परिवार प्रभावित हुए। प्राकृतिक आपदाओं में 225 घर पूरी तरह और 137 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 27 पशुशालाओं और 114 मवेशियों को भी नुकसान पहुंचा है।
147 जगहों पर सड़क और हाईवे क्षतिग्रस्त
बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल में हाईवे और मुख्य सड़कों को 147 स्थानों पर नुकसान पहुंचा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से 125 स्थानों पर मरम्मत का काम पूरा कर यातायात बहाल कर दिया गया है। सरकार ने राहत, बचाव और पुनर्वास अभियान तेज करने के साथ क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए संबंधित एजेंसियों को सक्रिय किया है। पश्चिमी नेपाल में बेनी-जोमसोम, पाल्पा, बाग्लुंग और नवलपरासी जिलों के कुछ हिस्सों में भी भूस्खलन और सड़क धंसने से यातायात प्रभावित हुआ है। पुलों के एप्रोच रोड को नुकसान पहुंचने के कारण कालीगंडकी कॉरिडोर पर भी आवागमन बाधित है। अधिकारियों का अनुमान है कि सड़क को पूरी तरह बहाल करने में तीन दिन से अधिक समय लग सकता है।
1,013 मेगावाट से ज्यादा बिजली आपूर्ति प्रभावित
बाढ़ का असर नेपाल की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कालीगंडकी, मार्स्यांगडी और सेती-माडी नदी कॉरिडोर में राष्ट्रीय ट्रांसमिशन सिस्टम के जरिए होने वाली कुल 1,013.2 मेगावाट बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर पर स्थित करीब एक दर्जन पनबिजली परियोजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। उस आपदा में 1,400 से अधिक लोगों की मौत और करीब 5,000 लोगों के लापता होने की सूचना दी गई थी।
सर्दियों में भारत से बिजली आयात करेगा नेपाल
नेपाल में सर्दियों के दौरान बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर रहने की आशंका है। सरकारी बिजली कंपनी नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) ने आने वाले सूखे मौसम में भारत से 1,155 मेगावाट बिजली आयात करने की योजना बनाई है। NEA के मुताबिक, सर्दियों में ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ पनबिजली परियोजनाओं से घरेलू बिजली उत्पादन में करीब 70 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। जनवरी के बाद घरेलू बिजली उत्पादन लगभग 1,218 मेगावाट रहने का अनुमान है, जबकि बिजली की मांग करीब 2,293 मेगावाट तक पहुंच सकती है। NEA के मैनेजिंग डायरेक्टर दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ ने सोमवार को कहा कि बिजली आपूर्ति को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आने वाले सूखे मौसम में भारत से 1,155 मेगावाट बिजली आयात करने की योजना बनाई गई है।


