शेयर बाजार में 1.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट, सेंसेक्स 6 माह के निचले स्तर पर, निफ्टी 360 अंक लुढ़का

मुंबई, 28 सितम्बर। ईरान का समझौता प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ठुकराए जाने के बाद कच्चे तेल के दाम में फिर तेज उछाल व कमजोर वैश्विक रुख से भारतीय शेयर बाजार में भूचाल सा दिखा और कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को दोनों मानक सूचकांक 1.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 1,124 अंकों का गोता लगाने के साथ जहां छह माह के निचले स्तर पर चला गया वहीं एनएसई निफ्टी 360 अंक टूटकर 22,800 अंकों के नीचे जाकर रुका।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर अमेरिका व ईरान के बीच गतिरोध से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि और एशियाई बाजारों में कमजोर रुख के कारण वित्तीय, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, धातु, दैनिक उपयोग की वस्तुओं, तेल एवं गैस तथा वाहन कम्पनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।

सेंसेक्स 1,124.02 अंक लुढ़क कर 72,771.72 पर बंद

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 प्रतिशत लुढ़क कर 72,771.72 अंक पर बंद हुआ। यह 30 मार्च, 2026 के बाद इसका सबसे निचला बंद स्तर है। कारोबार के दौरान सूचकांक एक समय 1,179.51 अंक टूटकर 72,716.23 अंक तक आ गया था। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों में एक छोड़ सभी 29 के शेयर लाल निशान पर थमे। सिर्फ एक हरे निशान पर रुका।

निफ्टी 360.25 अंकों की गिरावट से 22,780.25 पर बंद

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 360.25 अंक यानी 1.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ करीब छह माह के निचले स्तर 22,780.25 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी सं संबद्ध कम्पनियों में 48 के स्टॉक कमजोर हुए और सिर्फ दो में बढ़त रही। व्यापक बाजार में छोटी कम्पनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट 1.90 प्रतिशत टूटा जबकि मझोली कम्पनियों का मिडकैप सेलेक्ट 1.39 प्रतिशत नीचे आया।

निवेशकों के 8.77 लाख करोड़ रुपये डूबे

शेयर बाजार में आई जबर्दस्त गिरावट के बीच निवेशकों के भी एक ही कारोबारी सत्र में लगभग 8.77 करोड़ रुपये डूब गए। पिछले कारोबारी दिन यानी 25 सितम्बर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,83,25,067.26 करोड़ था, जो आज घटकर ₹4,74,47,601.92 करोड़ रह गया। यानी एक दिन में निवेशकों की पूंजी में ₹877,465.34 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई।

लार्सन एंड टुब्रो में सर्वाधिक 2.81 प्रतिशत की गिरावट

सेंसेक्स समूह में शामिल कम्पनियों में लार्सन एंड टुब्रो के स्टॉक ने सबसे अधिक 2.81 प्रतिशत की गिरावट देखी। पावर ग्रिड 2.62 प्रतिशत, अदाणी पोर्ट्स 2.38 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.30 प्रतिशत, हिन्दुस्तान यूनिलीवर 2.27 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.24 प्रतिशत टूटे। सिर्फ इन्फोसिस का स्टॉक हरे निशान पर बंद हुआ।

ब्रेट क्रूड 3.81% उछलकर 108.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.81 प्रतिशत उछलकर 108.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 3,693.93 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।

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