नई दिल्ली, 12 सितंबर। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का बढ़ता दबाव, लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल और लगातार मानसिक व्यस्तता शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी थका देती है। ऐसे में योग का शवासन (Shavasana) शरीर और मन को गहरी विश्रांति देने वाली एक सरल और प्रभावी मुद्रा मानी जाती है। शवासन देखने में भले ही सबसे आसान योगासन लगता हो, लेकिन इसे सही तरीके से करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस आसन में शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़कर मन को शांत और जागरूक अवस्था में रखना होता है। ‘शव’ का अर्थ मृत शरीर होता है और इसी वजह से इस मुद्रा में शरीर को बिल्कुल स्थिर और शिथिल रखा जाता है।
क्या है शवासन और कैसे किया जाता है?
शवासन में व्यक्ति पीठ के बल सीधा लेटता है और दोनों हाथों को शरीर से थोड़ा दूर रखते हुए हथेलियों को ऊपर की ओर रखा जाता है। पैरों को भी आराम की स्थिति में रखा जाता है। इसके बाद आंखें बंद करके सांसों पर ध्यान केंद्रित करते हुए शरीर के प्रत्येक हिस्से को धीरे-धीरे तनावमुक्त किया जाता है। इस दौरान शरीर को स्थिर रखते हुए मन को भटकने से रोकना जरूरी है। शवासन का उद्देश्य सोना नहीं, बल्कि सचेत अवस्था में शरीर और मन को आराम देना है।
शवासन के क्या हैं फायदे?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, शवासन शरीर और मन को आराम देने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से तनाव और चिंता को कम करने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा यह नींद की गुणवत्ता को बेहतर करने और अनिद्रा जैसी समस्या में भी उपयोगी हो सकता है।
तनाव और चिंता में राहत
शवासन के दौरान शरीर को पूरी तरह आराम देने और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मानसिक तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। नियमित अभ्यास मन को शांत रखने में सहायक माना जाता है।
नींद की गुणवत्ता हो सकती है बेहतर
दिनभर की थकान और मानसिक तनाव का असर नींद पर भी पड़ता है। शवासन शरीर और दिमाग को रिलैक्स करने में मदद करता है, जिससे बेहतर नींद के लिए अनुकूल स्थिति बन सकती है।
ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य
शरीर को विश्राम देने वाली इस मुद्रा से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, शवासन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी सहायक हो सकता है।
एकाग्रता बढ़ाने में मदद
शवासन के दौरान सांस और शरीर पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इससे मन को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
मांसपेशियों का तनाव कम करने में सहायक
दिनभर बैठकर काम करने या शारीरिक गतिविधियों के बाद मांसपेशियों में खिंचाव और तनाव महसूस हो सकता है। शवासन में शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और थकान कम करने में मदद मिल सकती है।
शवासन करते समय इन बातों का रखें ध्यान
शवासन आसान जरूर है, लेकिन इसका अभ्यास करते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं। इसका उद्देश्य गहरी नींद लेना नहीं बल्कि सचेत रहते हुए शरीर और मन को विश्राम देना है। इसलिए अभ्यास के दौरान सोने से बचें। गर्भवती महिलाओं और कमर दर्द जैसी समस्या से जूझ रहे लोगों को शवासन करने से पहले योग विशेषज्ञ या चिकित्सकीय विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के इलाज के विकल्प के तौर पर योग का इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।


