राष्ट्रपति ट्रंप ने वोटर आईडी पर फिर से दिया जोर, कांग्रेस से की ‘अमेरिका बचाओ अधिनियम’ पास करने की अपील
वाशिंगटन, 27 जुलाई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की चुनाव प्रणाली में बड़े बदलाव की वकालत करते हुए कांग्रेस से ‘अमेरिका बचाओ अधिनियम’ (Save America Act) पारित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी चुनावों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वोटरों के लिए फोटो पहचान पत्र और नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य किया जाना चाहिए। फेथ एंड फ्रीडम कोएलिशन के रोड टू मेजॉरिटी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि चुनाव सुधार समय की जरूरत हैं। उन्होंने प्रस्तावित कानून में वोटर पहचान, नागरिकता की पुष्टि और मेल-इन बैलेट पर कड़े नियम लागू करने की मांग की।
ट्रंप ने कहा कि सभी मतदाताओं को मतदान से पहले फोटो आईडी और अमेरिकी नागरिकता का प्रमाण देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मेल-इन बैलेट की अनुमति केवल बीमारी, दिव्यांगता, सैन्य तैनाती या यात्रा जैसी विशेष परिस्थितियों में ही दी जानी चाहिए। अपने संबोधन में ट्रंप ने इस प्रस्ताव का विरोध करने वाले डेमोक्रेट नेताओं के साथ कुछ रिपब्लिकन सांसदों पर भी निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की का नाम लेते हुए समर्थकों से उन पर इस विधेयक के समर्थन के लिए दबाव बनाने की अपील की। ट्रंप ने कैलिफोर्निया की चुनाव प्रक्रिया की भी आलोचना करते हुए कहा कि वहां चुनाव परिणाम आने में हफ्तों लग जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि लंबी मतगणना से चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं और हेरफेर की आशंका बढ़ती है।
हालांकि, अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर चुनावी धांधली के आरोप लगाए, लेकिन इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी अपने पुराने आरोप दोहराए। ट्रंप ने कैलिफोर्निया की तुलना दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया से करते हुए कहा कि वहां चुनाव की रात ही करोड़ों वोटों की गिनती पूरी हो जाती है। उन्होंने समर्थकों से आगामी मध्यावधि चुनावों में बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव अमेरिका के भविष्य के लिए बेहद अहम होगा। चुनाव सुधारों पर ट्रंप की यह टिप्पणी धर्म, आव्रजन, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ जैसे मुद्दों पर केंद्रित उनके व्यापक संबोधन का हिस्सा थी।
