वॉशिंगटन, 27 जून। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत व अमेरिका के रिश्तों को ‘शानदार’ करार देते हुए उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील अब अपने अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले वर्ष की शुरुआत में भारत भारत दौरे की संभावनाओं की भी पुष्टि की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के संभावित भारत दौरे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रुबियो ने यहां कहा, ‘अगले वर्ष की शुरुआत में ट्रंप के दौरे को लेकर तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने भारत को अमेरिका का करीबी सहयोगी और पार्टनर बताते हुए कहा, ‘हम उम्मीद कर रहे हैं और इसी दिशा में काम भी कर रहे हैं कि अगले वर्ष की शुरुआत में किसी समय राष्ट्रपति भारत का दौरा करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच के रिश्ते काफी गहरे हैं, जो कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम है।’
भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, इसके परिणाम बेहद सकारात्मक
मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर देते हुए कहा, ‘मेरा मानना है कि हमारे संबंध बहुत शानदार और मजबूत हैं। हाल ही में G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बेहतरीन मुलाकात इसका प्रमाण है।’
रुबियो ने व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि दोनों सरकारें इसे जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए आशान्वित हैं। उन्होंने कहा, ‘हम ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहे हैं। यह बातचीत अब अपने अंतिम चरण पर है और इसके परिणाम बेहद सकारात्मक हैं।’ रुबियो ने यह भी बताया कि वे जल्द ही एक और क्वाड मीटिंग में हिस्सा लेने की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही, अगले वर्ष की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे की रूपरेखा तैयार करने के लिए वह इस साल के अंत तक खुद भी वापसी कर सकते हैं।
G7 में ट्रंप ने की थी पीएम मोदी की तारीफ
उल्लेखनीय है कि इसी माह फ्रांस में हुए जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की थी। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में उनके साथ हुई चर्चा को बेहद शानदार बताया था और मोदी को ‘गुड-लुकिंग’ तथा ‘टफ नेगोशिएटर’ कहा था। फरवरी, 2025 में ट्रंप के ह्वाइट हाउस लौटने के तुरंत बाद पीएम मोदी के वॉशिंगटन दौरे के बाद से, दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात थी। इसी दौरान ट्रंप ने भविष्य में भारत दौरे की अपनी योजना का भी जिक्र किया था।
रिश्तों में कुछ चुनौतियां भी बरकरार
हालांकि, दोनों देश अपनी साझेदारी को लगातार मजबूत बता रहे हैं, लेकिन हाल के महीनों में इन रिश्तों को कुछ कूटनीतिक और व्यापारिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। अमेरिका ने कुछ भारतीय उत्पादों पर टैरिफ (आयात शुल्क) बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा, भारत द्वारा लगातार खरीदे जा रहे रूसी तेल के मुद्दे पर भी वॉशिंगटन ने नई दिल्ली के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
हाल ही में खाड़ी (गल्फ) में अमेरिकी नौसेना से जुड़े वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव देखने को मिला था। इन चुनौतियों के बावजूद दोनों ही सरकारों के हालिया बयानों से यह साफ है कि वे व्यापार, कूटनीति, रक्षा और क्वाड साझेदारी के जरिए आपसी सहयोग को लगातार विस्तार देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

