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राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत सहित कुछ देशों को ‘नरक’ करार दिया और फिर कुछ घंटे बाद बोले – भारत एक ‘महान देश’

राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत सहित कुछ देशों को ‘नरक’ करार दिया और फिर कुछ घंटे बाद बोले – भारत एक ‘महान देश’

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वॉशिंगटन, 23 अप्रैल। अक्सर ही अपने बदलते बयानों को लेकर कुख्याति अर्जित कर चुके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार कंजर्वेटिव लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज की एक नस्लवादी टिप्पणी को रीपोस्ट करते हुए ट्रंप ने भारत, चीन और अन्य देशों को ‘नरक जैसी जगहें’ कहा। इसके कुछ घंटों बाद ही उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा – ‘यह एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त है।’

राष्ट्रपति ट्रंप और नरक जैसी जगहविवाद

राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को कंजर्वेटिव कमेंटेटर माइकल सैवेज का एक वीडियो शेयर करके जन्मसिद्ध नागरिकता पर एक विवादित बहस की ओर ध्यान दिलाया। इस क्लिप में, सैवेज ने आरोप लगाया कि “आप्रवासी ‘अपनी प्रेग्नेंसी के नौवें महीने में’ यूएस आकर यूएस कानूनों का गलत फायदा उठाते हैं, और दावा किया कि ‘यहां पैदा होने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है, और फिर वे चीन, भारत या दुनिया की किसी अन्य ‘नरक जैसी जगह’ से अपने पूरे परिवार को यहां बुला लेते हैं।”

यह वीडियो, जो मूल रूप से न्यूजमैक्स के ‘द सेवेज नेशन’ का था, ट्रंप से जुड़े एक ऐसे अकाउंट के जरिए फैला, जो उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों को रीपोस्ट करता है।

सैवेज ने न्यायिक प्रक्रिया की आलोचना की

सैवेज ने न्यायिक प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा, ‘आज की संक्षिप्त चर्चा उन तर्कों के बारे में होगी, जिन्हें मैंने अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट में जन्मसिद्ध नागरिकता के विषय पर सुना है… मुझे तो बस कानूनी दांव-पेच ही सुनने को मिले।’

यह तर्क देते हुए कि यह मुद्दा कानून से कहीं आगे का है, सैवेज ने कहा, ‘यह असल में कानून के बारे में नहीं है। यह जनमत के बारे में है।‘ उन्होंने संवैधानिक सीमाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘हम संविधान में बदलाव नहीं कर सकते…’, और साथ ही यह तर्क भी दिया कि संविधान आधुनिक वास्तविकताओं के आने से पहले लिखा गया था। पिछली आप्रवासन स्थितियों से तुलना करते हुए, उन्होंने दावा किया कि अब लोगों का समाज में घुलना-मिलना (assimilation) कम हो गया है।

उन्होंने कहा, “‘मेल्टिंग पॉट’ (विभिन्न संस्कृतियों के मेल) का विचार अब पुराना हो चुका है… हम ‘मेल्टिंग पॉट’ से ‘चैंबर पॉट’ (गंदगी के ढेर) की ओर बढ़ गए हैं,” और इस मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी मतदान का प्रस्ताव रखा।

MEA का ट्रंप की हेल होलवाली पोस्ट पर सीधे जवाब देने से परहेज

वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार की शाम डोनाल्ड ट्रंप की एक विवादित पोस्ट पर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से परहेज़ किया, जिसमें भारत के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था।

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में जब जायसवाल से उस पत्र को ट्रंप द्वारा दोबारा शेयर किए जाने के बारे में पूछा गया, जिसमें भारत और अन्य देशों को ‘नरक (hellholes) कहा गया था, तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, ‘हमने कुछ रिपोर्टें देखी हैं। मैं बस इतना ही कहूंगा।’

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