विधानसभा चुनाव : पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए रिकॉर्ड 91% से ज्यादा वोटिंग, तमिलनाडु में भी 85% मतदान का नया कीर्तिमान

नई दिल्ली, 23 अप्रैल। पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों और तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर गुरुवार को विधानसभा चुनाव की वोटिंग पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही महाराष्ट्र की बारामती व राहुरी और गुजरात की उमरेठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए भी आज ही मतदान हुआ।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से रात्रि आठ बजे के बाद जारी अपडेट आंकड़ों के अनुसार इस बार बंगाल व तमिलनाडु के मतदाताओं ने जबर्दस्त उत्साह दिखाया और यही वजह रही कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हुए चुनावों में अब तक की सर्वाधिक वोटिंग दर्ज हो गई।

दोनों ही राज्यों में 2011 का रिकॉर्ड काफी पीछे छूटा

चुनाव आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में पहले चरण में ही 91.78 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि तमिलनाडु में 84.69 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले हैं। इससे पहले तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 78.29% मतदान  2011 के चुनाव में रहा था वहीं पश्चिम बंगाल में 84.72 प्रतिशत का पिछला रिकॉर्ड भी 2011 में ही बना था।

पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनावी इतिहास की पोलिंग का पूरा विवरण

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में बची 142 सीटों पर वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। चार मई को इन दोनों राज्यों के साथ असम, केरल व केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के नतीजे आएंगे। उन तीनों राज्यों में इसी माह की शुरुआत में मतदान संपन्न हो चुका है।

महिलाओं का मत प्रतिशत दोनों राज्यों में पुरुषों से ज्यादा

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार बंगाल में 16 जिलों की 152 सीटों पर 1478 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हुआ। पहले चरण में 3.6 करोड़ मतदाता वोटिंग के पात्र थे। इनमें 90.92 फीसदी पुरुष, 92.69 फीसदी महिला और 56.79 फीसदी थर्ड जेंडर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

वहीं तमिलनाडु में 5.73 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के सामने 4023 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई।  बंगाल की भांति तमिलनाडु में भी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का मत प्रतिशत ज्यादा रहा। कुल 85.76 फीसदी महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया तो 83.57 फीसदी पुरुषों ने वोट डाले। थर्ड जेंडर मतदाताओं का मत प्रतिशत 60.49 फीसदी रहा।

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