राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से नई बातचीत का किया ऐलान, खाड़ी देशों में मध्यस्थता की कोशिशें तेज
वाशिंगटन, 3 अगस्त। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर से शुरू होगी। उन्होंने दावा किया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर समेत कई देशों ने अमेरिका से ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया है। ट्रंप के अनुसार, वार्ता का मुख्य फोकस होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर रहेगा।
जॉइंट बेस एंड्रयूज जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक डील होगी और उसके बाद परमाणु मुद्दे पर समझौता होगा, जिसे ईरान का परमाणु निरस्त्रीकरण भी कहा जा सकता है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने अमेरिका से प्रस्तावित सैन्य हमले वापस लेने का अनुरोध किया था और अब दोनों पक्ष बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।
सऊदी क्राउन प्रिंस ने की ट्रंप से बात
एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से समाचार एजेंसी एक्सियोस ने बताया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने शनिवार को ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर चिंता जताई और अमेरिका की रणनीति पर स्पष्टीकरण मांगा।
कई देशों ने की तनाव कम करने की अपील
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पाकिस्तान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्किए समेत कई देशों ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने तथा क्षेत्र में तनाव कम करने की अपील की है, ताकि व्यापक संघर्ष की स्थिति से बचा जा सके।
ट्रंप बोले- हमला टालने को तैयार
रविवार को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमले को फिलहाल टालने पर सहमति जताई है। उनका कहना था कि तेहरान और मध्य पूर्व के कई देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया है और संभावित समझौते का प्रारूप भी तैयार कर लिया गया है।
ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह खोलना तथा ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कोई समझौता हो जाता है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे हटने को तैयार है।
इजरायल के समर्थन का भी किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि इजरायल ने कूटनीतिक समाधान के उनके फैसले का समर्थन किया है। हालांकि, ट्रंप ने प्रस्तावित समझौते की समयसीमा, शर्तों या ईरान और इजरायल की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि के संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की।
