पीएम स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी 31 अक्टूबर तक बढ़ी, दिल्ली से 30 स्मृति चिह्न शामिल

नई दिल्ली, तीन अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किए गए अनूठे उपहारों और कलाकृतियों की पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी का 8वां संस्करण अब 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। इस संस्करण में दिल्ली से जुड़े 30 स्मृति चिह्न शामिल हैं, जिनमें कलाकृतियां, धार्मिक वस्तुएं, हस्तशिल्प, संस्थागत स्मृति चिन्ह और सार्वजनिक उपलब्धियों से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं। नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे परियोजना को दी जाएगी।

दिल्ली की विविध विरासत को दर्शाते हैं 30 स्मृति चिह्न

ई-नीलामी के लिए शामिल 30 स्मृति चिह्न दिल्ली के विभिन्न पहलुओं और उसकी संस्थागत, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत को दर्शाते हैं। संग्रह में नौ फोटो फ्रेम, नौ स्मृति चिह्न तथा छह मूर्तियां, शिल्प और प्रतिमाएं शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के दो मॉडल, एक खेल स्मृति चिन्ह, एक पेंटिंग और कला एवं हस्तशिल्प से जुड़ी अन्य वस्तुएं भी संग्रह का हिस्सा हैं।

धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक

संग्रह में भारतीय धार्मिक परंपराओं से जुड़े कई स्मृति चिह्न शामिल किए गए हैं। इनमें भगवान राम और रामायण के दृश्यों को दर्शाने वाली चार वस्तुएं प्रमुख हैं। इनमें राम दरबार की मूर्ति, राम, सीता और लक्ष्मण को केवट के साथ नदी पार करते हुए दर्शाने वाली पीतल की पट्टिका, पालम गांव के संत दादा देव का चित्र और रामलला की लकड़ी पर नक्काशीदार प्रतिमा शामिल हैं।

बौद्ध परंपरा से जुड़ा अष्टमंगल स्मृति चिन्ह

संग्रह में बौद्ध धर्म के आठ शुभ प्रतीकों का चित्रण करने वाला स्मृति चिह्न भी शामिल है। अष्टमंगल के नाम से पहचाने जाने वाले ये आठ शुभ प्रतीक बौद्ध परंपरा में आध्यात्मिक महत्व रखते हैं और पारंपरिक रूप से बौद्ध शिक्षाओं तथा बुद्ध के ज्ञानोदय से जुड़े माने जाते हैं।

दिल्ली के संस्थानों और विरासत की झलक

ई-नीलामी में दिल्ली के प्रमुख संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों को दर्शाने वाली वस्तुएं भी शामिल हैं। एक फ्रेमयुक्त कलाकृति में सेंट स्टीफंस कॉलेज को दर्शाया गया है। वहीं पुराने सचिवालय भवन का क्रिस्टल स्मृति चिह्न और नए संसद भवन को दर्शाने वाली वस्त्र कलाकृति दिल्ली की संस्थागत विरासत के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाती हैं।

उपलब्धि और सार्वजनिक सेवा से जुड़ी वस्तुएं

संग्रह में उपलब्धि, सार्वजनिक सेवा और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति से जुड़ी वस्तुएं भी शामिल हैं। इनमें रोहिणी के एक छात्र द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बनाया गया विस्तृत पेंसिल स्केच प्रमुख है। यह प्रधानमंत्री के क्लोज-अप चित्र को दर्शाता है।

पैरालंपिक पदक से लेकर परम वीर माटी कलश तक

पैरालंपिक रजत पदक विजेता योगेश कथूनिया का डिस्कस भी इस संग्रह का हिस्सा है, जो खेल उपलब्धि और दृढ़ संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा एनसीसी का स्वर्ण-पॉलिश किया हुआ परम वीर माटी कलश सेवा और स्मरण की भावना को दर्शाता है। प्राकृतिक रूप से कंकालीकृत बोधि पत्ती पर बारीकी से उकेरा गया एक चित्र व्यक्तिगत और कलात्मक अभिव्यक्ति का अलग आयाम प्रस्तुत करता है।

दिल्ली की अलग-अलग कहानियों को समेटता संग्रह

रोहिणी के एक छात्र की कलाकृति से लेकर दिल्ली मेट्रो, विधानसभा और नए संसद भवन से जुड़े स्मृति चिह्नों तक, यह संग्रह दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों और उनकी विविध पहचान को सामने लाता है। ई-नीलामी के माध्यम से इन स्मृति चिह्नों को व्यापक सार्वजनिक उद्देश्य से जोड़ा गया है और इससे प्राप्त राशि नमामि गंगे परियोजना में दी जाएगी।

31 अक्टूबर तक कर सकते हैं भागीदारी

पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी के 8वें संस्करण की अवधि अब 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। नीलामी की तिथियों, भागीदारी से जुड़े नियमों और स्मृति चिह्नों की पूरी सूची के लिए आधिकारिक पीएम मोमेंटोस ई-नीलामी पोर्टल पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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