PM Modi Foreign Visit : इ़टली समेत 5 देशों की यात्रा पूरी कर वतन लौटे पीएम मोदी, मिले दो सर्वोच्च सम्मान
नई दिल्ली, 21 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 5 देशों की अपनी बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त राजनयिक यात्रा पूरी कर राजधानी दिल्ली लौट आए हैं। 15 मई से शुरू होकर 20 मई तक चली इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा 15 मई को UAE से शुरू की और इसका आखिरी पड़ाव 20 मई को इटली में पूरा किया।
यह एक ऐसी राजनयिक पहल थी जिस पर पूरी दुनिया की नज़र थी और जिसका मकसद भारत की वैश्विक साझेदारियों को मज़बूत करना था। इस यात्रा का मुख्य रणनीतिक मकसद लंबे समय तक ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करना, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना और यूरोपीय तथा पश्चिम एशियाई साझेदारों के साथ भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और बेहतर बनाना था।
UAE: ऊर्जा सुरक्षा और बड़ा निवेश
UAE में भारत ने लंबे समय तक LPG की आपूर्ति सुनिश्चित करने और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को मज़बूत करने के लिए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) को भारत में कच्चे तेल के भंडारण की क्षमता को बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल तक करने की भी अनुमति दी गई। इसके अलावा UAE ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का भी वादा किया।
Netherlands: ग्रीन एनर्जी और बाढ़ नियंत्रण पर 17 समझौते
भारत और नीदरलैंड ने 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी पहलें शामिल थीं। इस यात्रा के दौरान, PM मोदी ने बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन प्रणालियों में नीदरलैंड की विशेषज्ञता को समझने के लिए Afsluitdijk बांध का भी दौरा किया।
Sweden: रणनीतिक साझेदारी और सर्वोच्च सम्मान
17 से 18 मई तक स्वीडन की अपनी यात्रा के दौरान भारत और स्वीडन ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचा दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को भी संबोधित किया और उन्हें स्वीडन के प्रतिष्ठित सम्मान रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया गया।
Norway: 43 साल बाद कोई भारतीय PM पहुंचा ओस्लो
प्रधानमंत्री मोदी 19 मई को नॉर्वे पहुंचे। 43 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह नॉर्वे की पहली यात्रा थी। उन्होंने ओस्लो में आयोजित तीसरे ‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लिया जहां उन्होंने डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेताओं के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्हें रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस से भी सम्मानित किया गया।
पीएम मोदी की इटली यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचा दिया जिसका लक्ष्य 2029 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 20 अरब यूरो तक पहुंचाना है। दोनों पक्षों ने कृषि, वित्तीय अपराधों की रोकथाम और भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों के इटली में काम करने से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ उच्च-स्तरीय चर्चाओं से भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) पर सहयोग को भी आगे बढ़ाया गया। इस यात्रा ने प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक भागीदारी को रेखांकित किया, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार, जलवायु सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में विस्तारित व्यापार संबंधों पर विशेष ज़ोर दिया गया।
