पीएम मोदी ने दी ₹13000 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, बोले- ‘विकसित तमिलनाडु’ से ‘विकसित भारत’ का संकल्प होगा साकार

चेन्नई, 11 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चेन्नई में 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु के विकास को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तमिलनाडु को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने शहरी परिवहन, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि ‘विकसित तमिलनाडु’ से ही ‘विकसित भारत’ का संकल्प साकार होगा।

नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं, महापुरुषों को किया नमन

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत नवरात्रि की शुभकामनाओं के साथ की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर शिव और शक्ति की पवित्र भूमि तमिलनाडु में कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। इससे पहले उन्हें जलकंडेश्वर मंदिर में भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती का उल्लेख करते हुए दोनों विभूतियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों का जीवन राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण भाव से काम करने की प्रेरणा देता है।

मंदिर से मेट्रो तक दिखी भारत की विकास यात्रा

पीएम मोदी ने कहा कि आईआईटी मद्रास के ब्रेन रिसर्च सेंटर का दौरा और चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के नेटवर्क की पहली ट्रेन को रवाना करना उनके दौरे के महत्वपूर्ण पड़ाव रहे। उन्होंने कहा कि मंदिर से मेट्रो तक का अनुभव आज के भारत की उस भावना को दर्शाता है, जिसमें देश अपनी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेकर विज्ञान और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की विरासत और भविष्य की आकांक्षाएं साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं। देश सांस्कृतिक शक्ति से प्रेरणा लेता है, वैज्ञानिक प्रगति के जरिए आगे बढ़ता है और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से नए अवसरों का निर्माण करता है।

राज्यों के विकास को देश की प्रगति का आधार बताया

उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि अक्टूबर 2001 में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद उन्हें राज्य और फिर केंद्र में सरकार का नेतृत्व करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि वह हमेशा राज्य के विकास को देश के विकास से जोड़कर देखते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में राज्यों की जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का अनुभव प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनके काम आया। केंद्र सरकार का प्रयास रहा है कि राज्यों को अपनी विकास संबंधी आकांक्षाएं पूरी करने के लिए आवश्यक सहयोग मिले।

तमिलनाडु के विकास के लिए मिलकर काम करने पर जोर

पीएम मोदी ने तमिलनाडु के विभिन्न राजनीतिक नेताओं के साथ अपने कार्यकाल के दौरान हुए संवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहीं, लेकिन तमिलनाडु के विकास और यहां के लोगों की सेवा के प्रति उनका संकल्प बना रहा है। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मिलकर राज्य के विकास की यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार तमिलनाडु के विकास के लिए आवश्यक सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।

शहरी परिवहन और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में शहरी विकास केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार, शहरीकरण को केवल चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि नए अवसरों के रूप में देखा जाना चाहिए। इसमें सार्वजनिक परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि बेहतर परिवहन व्यवस्था से लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरों के विकास के लिए केवल सड़कों को चौड़ा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समग्र बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 2014 में देश के पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित थीं, जबकि अब 25 शहरों में मेट्रो सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा निर्यात में वृद्धि का उल्लेख

उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के मुकाबले देश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 11 गुना और रक्षा निर्यात 50 गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग निर्यात में भी वृद्धि दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के विस्तार से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने इस प्रगति में तमिलनाडु के लोगों की भूमिका को भी रेखांकित किया और कहा कि देश मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है।

तमिलनाडु : पीएम मोदी ने जलकंटेश्वर मंदिर में की पूजा-अर्चना, IIT मद्रास के ब्रेन रिसर्च सेंटर का भी किया दौरा

थूथुकुडी बंदरगाह के विकास के लिए 17,000 करोड़ रुपये के निवेश का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि शिपिंग क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए देश में बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार 17,000 करोड़ रुपए के निवेश से थूथुकुडी स्थित वी. ओ. चिदंबरनार पोर्ट को विश्वस्तरीय मेगा कंटेनर और ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यह बंदरगाह दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम होगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इससे तमिलनाडु को उद्योग और परिवहन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र हरसंभव सहयोग को प्रतिबद्ध

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्यों को सशक्त बनाकर ही भारत को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने तमिलनाडु में मैन्युफैक्चरिंग, परिवहन और बंदरगाहों के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, ‘हम एक ऐसा तमिलनाडु बनाना चाहते हैं, जो निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचता जाए।’ प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य के विकास के लिए केंद्र से जिस भी सहयोग की जरूरत होगी, सरकार उसके लिए प्रतिबद्धता के साथ साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर विकसित तमिलनाडु के माध्यम से विकसित भारत का संकल्प साकार करेंगे।

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