पेंटागन ने ट्रंप की योजना का किया खुलासा – अमेरिका ने इस तरह किया ईरान पर हमला

वॉशिंगटन, 22 जून। पेंटागन ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का खुलासा करते हुए बताया कि किस प्रकार ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया गया। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इन हमलों को ‘अविश्वसनीय और जबर्दस्त सफलता’ करार देते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने तिहरे हमलों से तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नष्ट कर दिया।

ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं नष्ट हो गईं – पीट हेगसेथ

हालांकि, हेगसेथ ने कहा कि हमलों का उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं नष्ट हो गई हैं। हमलों का लक्ष्य ईरानी सैनिक या लोग नहीं थे।‘

125 से अधिक सैन्य विमानों ने दिया हमलों को अंजाम

वहीं शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारी जनरल डैन केन ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस ऑपरेशन में 14 बंकर-बस्टर बम, दो दर्जन से अधिक टॉमहॉक मिसाइलों और 125 से अधिक सैन्य विमानों का इस्तेमाल किया।

जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोलें तो दुनिया को सुनना चाहिए

पीट हेगसेथ यह भी चेतावनी दी कि जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोलें तो दुनिया को सुनना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने जो ऑपरेशन की योजना बनाई थी, वह साहसिक और शानदार थी, जिसने दुनिया को दिखाया कि अमेरिकी प्रतिरोध वापस आ गया है। जब यह राष्ट्रपति बोलता है, तो दुनिया को सुनना चाहिए। डोनाल्ड ट्रम्प शांति चाहते हैं और ईरान को वह रास्ता अपनाना चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘यह मिशन शासन परिवर्तन के बारे में नहीं था और न ही रहा है। राष्ट्रपति ने ईरानी परमाणु कार्यक्रम व हमारे सैनिकों और हमारे सहयोगी इजराइल की सामूहिक आत्मरक्षा से हमारे राष्ट्रीय हितों के लिए उत्पन्न खतरों को बेअसर करने के लिए एक सटीक ऑपरेशन को अधिकृत किया था।’ पेंटागन ने आगे कहा कि अमेरिकी सेना ने अमेरिकी बमवर्षकों को बचाने के लिए छल, कपट और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया, जिन्होंने 14 बंकर-बस्टर बम गिराए।

ट्रंप की घोषणा – शीघ्र शांति नहीं आई तो अन्य लक्ष्यों पर करेंगे हमला

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को हमलों की घोषणा करते हुए कहा था कि कई अन्य लक्ष्य बचे हैं, और यदि शीघ्र शांति नहीं आई तो अमेरिका उन पर भी हमला कर सकता है। ट्रंप ने ह्वाइट हाउस से तीन मिनट के संबोधन में कहा, ‘याद रखें, अभी कई लक्ष्य बचे हैं। आज रात का हमला अब तक का सबसे कठिन और शायद सबसे घातक था। लेकिन यदि शांति जल्दी नहीं आती है, तो हम सटीकता, गति और कौशल के साथ उन अन्य लक्ष्यों पर हमला करेंगे।’

रूस व चीन ने की हमले की निंदा, ईरान ने बदला लेने की कसम खाई

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने नतांज, फोर्डो और इस्फहान में परमाणु स्थलों पर हमला किया। उन्होंने इन हमलों को ‘एक शानदार सैन्य सफलता’ बताया। इस बीच, ईरान ने बदला लेने की कसम खाई है जबकि भूराजनीति में अमेरिका के दो सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी रूस और चीन ने अमेरिकी हमले की निंदा की है।

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