नागोया, 21 सितम्बर। भारतीय निशानेबाजों ने यहां 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) की शूटिंग रेंज में दूसरे दिन भी पदक बटोरो अभियान जारी रखा। इस क्रम में
एलावेनिल वलारिवन ने रविवार को जहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दो रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी वहीं हिमांशु ढिल्लों की अगुआई में भारतीय पुरुषों ने आज 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा की टीम व व्यक्तिगत स्पर्धाओं में दो रजत व एक कांस्य सहित तीन पदक जीते। हालांकि भारतीय दल को पदक स्पर्धांओं के दो दिन बीतने के बाद भी स्वर्ण पदक का दीदार नहीं हो सका है।
A day where podiums met perseverance and history was made! 💫
🥈 India secures Silver in Men’s 10m Air Rifle Team event
🥈 Himanshu Dhillon (NCoE) claims Individual Silver in 10m Air Rifle
🥉 Rudrankksh Balasaheb Patil (TOPS Core) bags Individual Bronze
🥉 Suchika Tariyal (TAGG)… pic.twitter.com/W4E4kzxFMM— SAI Media (@Media_SAI) September 21, 2026
सुचिका ने रचा इतिहास, MMA में भारत को पहली बार दिलाया पदक
इस बीच मिश्रित मार्शल आर्ट्स (MMA) में देश का पहला पोडियम फिनिश इतिहास से ज्यादा दिल तोड़ने वाली कहानी बनकर रह गया। सुचिका तारियाल सुबह कराए गए वजन में सिंगापुर की हुई हून तेओ से सिर्फ 700 ग्राम अधिक वजन होने के कारण फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं।
A Historic Medal for Suchika Tariyal!
In the Asian Games 2026, Suchika Tariyal (TAGG Athlete) secured the Bronze Medal in the Women’s Traditional -60kg category, after going down 0–2 to Singapore’s Teo Hui Hoon in the semifinal.
As MMA makes its Asian Games debut, Suchika… pic.twitter.com/zRHJotKB6X
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वजन थोड़ा अधिक होने के कारण फाइनल में जगह नहीं बना सकीं तारियाल
सेमीफाइनल का यह मुकाबला बराबरी पर छूटा था, लेकिन अधिक वजन होने के कारण भारतीय खिलाड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा, जो एमएमए में भारत का पहला पदक है। भारतीय खिलाड़ी का थोड़ा अधिक वजन निर्णायक साबित हुआ क्योंकि तकनीकी नियमों के अनुसार मुकाबला ड्रॉ होने की स्थिति में कम वजन वाले खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलता है।
पदक तालिका : 4 रजत सहित 6 पदकों के साथ भारत 12वें स्थान पर
कुल मिलाकर देखें तो इन खेलों में चार रजत और दो कांस्य सहित छह पदक लेकर 12वें स्थान पर है। चीन 23 स्वर्ण, 10 रजत व पांच कांस्य सहित सर्वाधिक 38 पदक लेकर अन्य प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है। मेजबान जापान (8+12+12=32) व कोरिया गणराज्य (5+3+15=23) क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं।
हिमांशु, रुद्रांक्ष व पार्थ की टीम ने जीते दो रजत सहित 3 पदक
शूटिंग रेंज की बांत करें तो युवा शूटर हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने रोमांचक शूटआउट में संयम बनाए रखते हुए क्रमशः व्यक्तिगत रजत और कांस्य पदक जीते। इससे पहले उन्होंने किशोरवय शूटर पार्थ माने के साथ मिलकर टीम रजत पदक भी हासिल किया था। इन तीन पदकों के साथ भारत के निशानेबाजी में कुल पदकों की संख्या पांच हो गई है, जिसमें चार रजत और एक कांस्य पदक शामिल है।
🥈🥉 First Double Podium Finish for India! 🇮🇳
Asian Games 2026, Shooting – Men’s 10m Air Rifle Individual Final, Himanshu Dhillon secured the Silver Medal with a score of 252.4, while Rudrankksh Balasaheb Patil (TOPS Core & Khelo India Athlete) won Bronze with 230.9.
A proud… pic.twitter.com/VTSeQina34
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चीनी शूटरों ने तोड़ा अपना ही विश्व रिकॉर्ड
लेकिन भारतीय निशानेबाज फिर स्वर्ण पदक से चूक गए क्योंकि चीन ने विश्व नंबर एक शेंग लिहाओ के शानदार प्रदर्शन के साथ एक बार फिर नया मानक स्थापित किया। शेंग, चांगहोंग झांग और सिहान मा ने 1899 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता और इस तरह से पिछले वर्ष काहिरा में बनाए गए अपने ही विश्व रिकॉर्ड 1898.4 में सुधार किया।
इतिहास रचने के बावजूद उदास नजर आईं सुचिका
उधर सुचिका ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में एमएमए में एशियाई खेलों की पहली पदक विजेता बनकर इतिहास रचा। लेकिन जश्न मनाने के बजाय, वह उस पदक के गम में डूबी हुई थीं, जो फाइनल में पहुंचने पर उन्हें मिल सकता था। हरियाणा के रोहतक जिले के किलोई गांव की रहने वाली 36 वर्षीय सुचिका का जीवन परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाने का एक अद्भुत उदाहरण है।
‘यह कांस्य पदक मेरे जीवन से भी बढ़कर है’
सुचिका 2024 में जिउ-जित्सु की विश्व चैम्पियन रह चुकी हैं, उन्होंने 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में और 2022 के एशियाई खेलों में कुराश फाइटर के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया था। आज उन्होंने जी-जान से मुकाबला किया, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उन्हें पदक से वंचित रहना पड़ा। शुक्र है कि पदक पक्का हो चुका था और खुद को संभालते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि यह पदक उनके लिए कितना मायने रखता है। उन्होंने बाद में कहा, ‘यह मेरे जीवन से भी बढ़कर है। मैं कभी नहीं भूलूंगी कि मैं जापान आई और अपने देश के लिए पदक जीता। अब मैं चैन से मर सकती हूं।’
𝗕𝗔𝗖𝗞-𝗧𝗢-𝗕𝗔𝗖𝗞 𝗗𝗢𝗠𝗜𝗡𝗔𝗡𝗧 𝗪𝗜𝗡𝗦! 🇮🇳🔥
The Indian Women’s Team makes it two wins in two, following their dominant victory over Uzbekistan in the campaign-opener with another commanding win over Indonesia in their second Pool B match today! 🏑💪
Next up: Thailand… pic.twitter.com/Kxqb3NL05p
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महिला हॉकी में भारत की लगातार दूसरी बड़ी जीत
इस बीच महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा और पूल बी में इंडोनेशिया को 17-1 से रौंदकर लगातार दूसरी जीत हासिल की। यदि भारतीय टीम यहां स्वर्ण पदक जीत लेती है तो उसे 2028 के ओलम्पिक खेलों के लिए टिकट भी मिल सकता है।
𝗔𝗡𝗢𝗧𝗛𝗘𝗥 𝗕𝗜𝗚 𝗪𝗜𝗡 𝗙𝗢𝗥 𝗜𝗡𝗗𝗜𝗔! 🇮🇳🔥
Watch glimpses from the Indian Women’s Team’s dominant 17–1 victory over Indonesia in their second Pool B match at the Asian Games 2026! 🏑💙
Two matches, two wins. The momentum continues! 💪🇮🇳#HockeyIndia #IndiaKaGame… pic.twitter.com/9dSQCOV2xC
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पुरुष बैडमिंटन टीम क्वार्टर फाइनल में : बैडमिंटन में पुरुष टीम ने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जिसमें लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत और आयुष शेट्टी ने एकल मैचों में आसान जीत हासिल की।
मुक्केबाजी में सुमित की आसान जीत : इसी प्रकार मुक्केबाजी में भी आत्मविश्वासपूर्ण शुरुआत देखने को मिली, जिसमें सुमित कुंदू (70 किलोग्राम) ने आसानी से जीत हासिल की।
टेबल टेनिस की दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में : भारत की महिला और पुरुष टेबल टेनिस टीमें भी अपने-अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों पर 3-0 की समान जीत के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं। महिला टीम ने एकतरफा मुकाबले में पाकिस्तान को 3-0 से हराकर लगातार तीसरी जीत के साथ ग्रुप एफ में शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि पुरुष टीम ने भी इसी अंतर से जीत दर्ज की।
कबड्डी में जीत से आगाज : कबड्डी में गत चैम्पियन भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 49-24 से हराया जबकि महिला टीम ने बांग्लादेश की चुनौती को 42-21 से ध्वस्त करते हुए अपने अभियान का आगाज किया।
तैराक श्रीहरि 50 मी. बैकस्ट्रोक में 10वें स्थान पर रहे : हालांकि तैराकी में भारत को निराशा ही हाथ लगी। एशियाई खेलों में 50 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में श्रीहरि नटराज 10वें स्थान पर रहे। दो बार के ओलम्पियन नटराज ने फाइनल में 25.52 सेकंड का समय लेकर अंतिम स्थान हासिल किया, जो दिन में पहले हुई हीट में उनके 25.37 सेकंड के प्रयास से भी खराब था।
सॉफ्ट टेनिस में निराशा : सॉफ्ट टेनिस में भी निराशा हाथ लगी, जब आध्या तिवारी और जय मीना को मिश्रित युगल स्पर्धा में फिलीपींस के क्रिस्टी सनोसा और शेरविन रे नुगिट से कड़े मुकाबले में 2-5 से हार का सामना करना पड़ा।


