नई दिल्ली, 10 जुलाई। महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 940.77 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर ली हैं। यह कार्रवाई ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की है।
ईडी के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियां विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनियों से जुड़ी हैं। इनमें रिहायशी मकान, जमीन के भूखंड, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियां शामिल हैं। एजेंसी ने बताया कि इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के साथ-साथ छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज अन्य मामलों के आधार पर शुरू की गई थी।
इन मामलों में अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं। जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज का नेटवर्क विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल’ सिस्टम के जरिए काम करता था। ईडी के अनुसार, इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जाती थी।
ईडी ने यह भी दावा किया कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए शेल कंपनियों, फर्जी एंट्रियों, नकद लेनदेन और कई स्तरों वाली वित्तीय व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि 940.77 करोड़ रुपये की कथित अवैध राशि विकास गर्ग से जुड़ी कंपनियों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद इसे विभिन्न कंपनियों के माध्यम से आगे ट्रांसफर कर शेयरों, प्रतिभूतियों और अन्य संपत्तियों की खरीद में लगाया गया।

