खान सर की मुश्किलें और बढ़ीं, कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान गंभीर कमियां दिखीं
पटना, 7 जून। देशभर में लोकप्रिय पटना स्थित कोचिंग इंस्टीट्यूट ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ के संचालक व जाने-माने शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, इसी हफ्ते कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी के बाद दर्ज एफआईआर में पहले खान सर का नाम भी जोड़ा गया और अब बिहार फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने रविवार को कोचिंग संस्थान में अचानक फायर सेफ्टी ऑडिट किया। ऑडिट टीम ने इंस्टीट्यूट में फायर सेफ्टी के इंतजामों की जांच की, जिसमें इमरजेंसी एग्जिट, आग बुझाने के उपकरण और तय सेफ्टी नियमों का पालन शामिल था। जांच के दौरान टीम को कई गंभीर कमियां मिलीं।
सेफ्टी नियमों को पूरा करने के लिए 15 जून की डेडलाइन
बिहार फायर सर्विस के कमांडेंट रितेश कुमार पांडे के अनुसार डिपार्टमेंट ने पहले 25 मई को कोचिंग इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया था। तब पता चला कि लगभग 4,000 वर्ग मीटर में फैली और 18 मीटर ऊंची पांच मंजिला इमारत ‘फायर सर्विस एक्ट’ के तहत ज़रूरी फायर सेफ्टी नियमों को पूरा नहीं करती थी।
रितेश कुमार के अनुसार, 31 मई को इंस्टीट्यूट को एक ऑफिशियल नोटिस जारी की गई थी, जिसमें नियमों को पूरा करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। टीम आज, 15 जून की डेडलाइन से पहले, यह देखने पहुंची कि सुझाए गए सुधारों पर काम शुरू हुआ है या नहीं।
ये कमियां पाई गईं
- पांच मंजिला इमारत में सिर्फ एक सीढ़ी मिली और उसकी चौड़ाई तय मानकों से काफी कम थी।
- इमारत में कोई ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम नहीं मिला।
- सुझाया गया पंप हाउस और 1.5 लाख लीटर क्षमता वाला अंडरग्राउंड पानी का टैंक या तो वहां नहीं था या जरूरी स्पेसिफिकेशन्स के मुताबिक नहीं था।
फायर डिपार्टमेंट की सख्त चेतावनी
फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने कोचिंग इंस्टीट्यूट को पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर लगाने और सभी तय सेफ्टी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने मैनेजमेंट को जरूरी सुधार पूरे करने के लिए आखिरी सात से 10 दिन का समय दिया है और चेतावनी दी है कि डेडलाइन के बाद फिर से समीक्षा की जाएगी।
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि हजारों छात्र नियमित रूप से इंस्टीट्यूट आते हैं और फायर सेफ्टी से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कोचिंग सेंटर का दूसरा फायर ऑडिट था और अधिकारियों ने पाया कि पहले निरीक्षण के दौरान दिए गए कई सुझावों को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया था।
