अमेरिका के ताबड़तोड़ हमलों से दहला ईरान, अब तक 35 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा घायल
तेहरान, 15 जुलाई। मध्य पूर्व में दोबारा उपजे तनाव के बीच अमेरिका के ताबड़तोड़ हमलों से ईरान दहल उठा है। इन ताजा हमलों में बुधवार की रात अंतिम समाचार मिलने तक कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
वहीं ईरान ने इन हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और जवाबी काररवाई की चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों ने इन हमलों को आक्रामक काररवाई करार देते हुए कहा है कि उनका पूरा ध्यान देश की रक्षा पर है और अमेरिका से किसी बातचीत की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
ईरान के सैन्य सूत्रों और सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमले मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों और सामरिक स्थानों पर किए गए। इन हमलों में आम नागरिकों और सैन्यकर्मियों दोनों के हताहत होने की खबर है।
ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि देश अब रक्षा मोड में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमारा ध्यान पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा पर केंद्रित है। फिलहाल बातचीत या कोई समझौता करने की कोई योजना नहीं है।’
यह तनाव स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालिया घटनाओं के बाद बढ़ा है, जहां ईरान ने कुछ जहाजों पर हमले किए थे। अमेरिका ने इसे जवाबी काररवाई बताते हुए ईरानी ठिकानों पर हमले शुरू किए। दोनों तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें आ रही हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
भारत ने ईरान के उप राजदूत को फिर तलब किया
इस बीच ईरान के ताजे हमले में दो भारतीयों की मौत के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरान के उप राजदूत को तलब किया और पूरी स्थिति पर अपनी गंभीर आपत्ति जताई है।
युद्ध की शुरुआत होने के बाद यह दूसरा मौका है, जब भारत ने ईरानी दूतावास के अधिकारियों को बुला कर भारतीय जहाज पर हुए हमले या ईरानी हमले में मारे गये भारतीयों के हालात पर अपने गुस्से का इजहार किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत इन हमलों की कड़ी निंदा करता है। हम नाविकों को निशाना बनाने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों, खासकर होर्मुज की खाड़ी में स्वतंत्र और सुरक्षित नौवहन को बाधित करने की घटनाओं की निंदा करते हैं। हम पश्चिम एशिया में फिर से शुरू हुए हमलों और बढ़ती शत्रुता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।’
भारत ने इसके साथ ही तुरंत हिंसा बंद करने और संवाद व कूटनीति की राह पर लौटने की अपील सभी संबंधित पक्षों से की है ताकि शीघ्रता से शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल हो सके। विगत कुछ हफ्तों में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कई बार व्यावसायिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के मुद्दे को उठाया है।
