FIH हॉकी विश्व कप : भारतीय महिलाओं ने की गोलों की बौछार, दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 की धमाकेदार जीत

एम्सटेलवीन, 18 अगस्त। दो दिन पूर्व FIH हॉकी विश्व कप के अपने पहले ही पूल डी मैच में ओलम्पिक रजत पदक विजेता चीन को ड्रॉ पर रोककर चौंकाने वालीं भारतीय महिलाओं ने मंगलवार को भी अपनी आक्रामक लय बरकरार रखी और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गोलों की बौछार करते हुए  6-1 की धमाकेदार जीत से दूसरे दौर में प्रवेश की उम्मीदें बलवती कर लीं।

विश्व कप में भारतीय महिला टीम की सबसे बड़ी जीत

वस्तुतः विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर काबिज भारतीय महिला टीम ने हॉकी विश्व कप में अब तक की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में 11 पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन के चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह प्रदर्शन उनके लिए क्या मायने रखता है।

भारत के लिए 6 अलग-अलग खिलाड़ियों ने दागे गोल

वैगनर स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत के लिए छह अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। इनमें तीन गोल तो तीसरे क्वार्टर में ही हुए। आधे समय तक 3-0 तक बढ़त ले चुकी भारतीय टीम की ओर से सुनेलिटा टोप्पो (11वां मिनट), नवनीत कौर (17वां मिनट), सुशीला चानू (25वां मिनट) , दीपिका (38वां मिनट), लालरेम्सियामी (44वां मिनट) और साक्षी राणा (45वां मिनट) ने गोल दागे।

वहीं आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए टूर्नामेंट की तैयारी के लिए सोशल मीडिया पर अपील के बाद सरकार से मदद पाकर यहां पहुंची दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए एकमात्र गोल 55वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर कायला डे वाल ने दागा।

चीन के बराबर 4 अंक के बावजूद गोल औसत में भारत शीर्ष पर

इस जीत के बाद अब पूल चरण से चीन, भारत और इंग्लैंड तीनों के रास्ते खुले हैं और बड़े अंतर से जीत के कारण गोल औसत में भारत की उम्मीदें बेहतर होंगी। भारत के दो मैचों में एक जीत और एक ड्रॉ के बाद चीन के समान चार अंक हैं, लेकिन गोल औसत के आधार पर भारत पूल में शीर्ष पर है।

पुरुष वर्ग में भारत व पाकिस्तान की टक्कर बुधवार को

उधर पुरुष वर्ग में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत व पाकिस्तान की बहुप्रतीक्षित भिड़ंत बुधवार को भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे से होनी है। पूल डी के इस मैच के सभी टिकट बिक चुके हैं। पूल में भारत दो मैचों के बाद एक जीत व एक हार से तीन अंक लेकर इंग्लैंड (छह अंक) के बाद दूसरे स्थान पर है। वेल्स व पाकिस्तान की टीमें दो-दो मैचों में एक-एक अंक बटोर सकी हैं। लेकिन पाकिस्तान कमजोर गोल औसत के कारण चौथे व अंतिम स्थान पर है।

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