भारतीय जहाज अब फिर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे, DGS ने जारी किए सुरक्षा निर्देश

मुंबई, 27 जून। नौवहन महानिदेशालय (DGS) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर लगी रोक हटा ली है। हालांकि, जहाजों के कप्तानों और चालक दल को पूरी तरह सतर्क रहने और तय किए गए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने एक सर्कुलर में कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने तटीय देशों और समुद्री उद्योग के साथ मिलकर फंसे हुए नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए एक समन्वित व्यवस्था शुरू की है। इसमें आईएमओ, यूकेएमटीओ, माइका सेंटर और संबंधित तटीय देश मिलकर काम कर रहे हैं। डीजीएस, बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, विदेशों में मौजूद भारतीय मिशनों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनके हितों का ध्यान रखा जा सके।’

डीजीएस ने साफ किया कि भारतीय जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कम्पनियों और आरपीएसएल एजेंसियों के लिए फारस की खाड़ी क्षेत्र में जहाजों का संचालन जारी रखने या भारतीय नाविकों की तैनाती पर कोई रोक नहीं है। सिर्फ उन्हें तटीय देशों और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। हालांकि, डीजीएस ने सभी भारतीय नाविकों, जहाजों के कप्तानों, जहाज मालिकों, प्रबंधन कम्पनियों, ऑपरेटरों, आरपीएसएल कम्पनियों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को फारस की खाड़ी में काम करते समय पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सर्कुलर में कहा गया है कि जो जहाज फारस की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज या आसपास के समुद्री इलाकों में चल रहे हैं या वहां से गुजर रहे हैं, उनके कप्तान सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें। उन्हें सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी सभी चेतावनियों और निर्देशों पर लगातार नजर रखनी चाहिए और जहाज की सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करना चाहिए।

डीजीएस ने यह भी कहा है कि सभी संबंधित लोग समय-समय पर डीजीएस, विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों और अन्य सरकारी एजेंसियों की ओर से जारी सलाह और निर्देशों पर नजर रखें। अगर किसी भारतीय नाविक से जुड़ी कोई घटना होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत डीजी कम्युनिकेशन सेंटर और क्रू ब्रांच को दें।

इसके अलावा, सभी लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि जहाजों से जुड़ी किसी भी सुरक्षा घटना के बारे में आने वाली खबरों, वीडियो या अन्य सामग्री की सच्चाई पहले सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से जांच लें। बिना पुष्टि वाली खबरें, सोशल मीडिया पोस्ट या फर्जी वीडियो आगे शेयर करने से बचें। डीजीएस ने कहा कि ये सभी कदम भारतीय नाविकों की सुरक्षा, हितों और उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं।

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