BWF विश्व बैडमिंटन : सिंधु व आयुष की हार से एकल में भारतीय चुनौती खत्म, सात्विक-चिराग व त्रीसा-गायत्री की जोड़ियां अंतिम 8 में

नई दिल्ली, 20 अगस्त। वर्ष 2019 की चैम्पियन पीवी सिंधु व उभरते शटलर आयुष शेट्टी की गुरुवार को यहां पराजय के साथ ही BWF विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के एकल मुकाबलों से भारतीय चुनौती समाप्त हो गई। हालांकि दो बार (2022 व 2025) के कांस्य पदक विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी की ख्यातिनाम पुरुष जोड़ी और महिला युगल में त्रीसा जॉली व गायत्री पुलेला गोपीचंद ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश के साथ मेजबानों की पदक की उम्मीदें जीवंत रखी हैं।

तीसरी सीड वांग झी यी से 88 मिनट के संघर्ष में हारीं सिंधु

इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम के कोर्ट नंबर एक पर खेले गए दिन के नौवें मैच में नौवीं सीड लेकर उतरीं दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता सिंधु तीसरी वरीय चीनी स्टार वांग झी यी से कड़े संघर्ष के बावजूद पार नहीं पा सकीं और एक घंटा 28 मिनट तक खिंची रोमांचक कश्मकश में 11-21, 21-15, 17-21 से हार गईं।

विश्व चैम्पियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने का सपना टूटा

विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर काबिज 31 वर्षीय सिंधु का इसके साथ ही विश्व चैम्पियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने का सपना टूट गया। वह इससे पहले 2019 में स्वर्ण, 2017 व 2018 में रजत तथा 2013 व 2014 में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।

सिंधु ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम अपने नाम किया, लेकिन निर्णायक गेम में वह अपनी लय बरकरार नहीं रख सकीं। वांग ने दोनों पैरों में जकड़न की समस्या से जूझने के बावजूद अंतिम क्षणों में धैर्य बरकरार रखते हुए कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की और क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।

सिंधु ने हार के बाद वांग की चोट को लेकर जताया संदेह

सिंधु ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे नहीं पता कि उन्हें चोट लगी थी या नहीं, शायद यह उनकी रणनीति और इसे करने का उनका तरीका था। हालांकि मुझे अपना ध्यान केंद्रित रखना था और मैं ऐसा कर रही थी। लेकिन फिर हर अंक मायने रखता है, है ना? उस समय वह ब्रेक लेती हैं या नहीं, उन्हें चोट लगी है या नहीं, आप कभी नहीं जान सकते।’

भारतीय शटलर ने कहा, ‘यह हार ज्यादा तकलीफ देती है क्योंकि इतने लंबे समय तक ट्रेनिंग करने और कड़ी मेहनत करने के बाद इस तरह मुकाबला हारना निश्चित रूप से दुख देता है। लेकिन मुझे लगता है कि यह खेल है और इसे इसी तरह होना है।’

शेट्टी को 11वीं सीड फरहान ने सीधे गेमों में हराया

सिंधु के मुकाबले से ठीक पहले कोर्ट नंबर एक पर ही उतरे विश्व नंबर 22 आयुष शेट्टी को भी मायूसी झेलनी पड़ी। पहले ही दौर में विश्व नंबर एक चीनी दिग्गज शी यू की पर स्तब्धकारी जीत हासिल करने वाले 21 वर्षीय शेट्टी को 11वें वरीय इंडोनेशियाई अल्वी फरहान ने 45 मिनट में 21-19, 21-11 से शिकस्त दी। विश्व नंबर 12 फरहान के खिलाफ भारतीय शटलर की आठ मुकाबलों में यह पांचवीं हार थी। लक्ष्य सेन बुधवार को ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे।

सास्विक व चिराग की मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ असाधारण वापसी

उधर पुरुष युगल पर गौर करें तो पहले दौर में बाई व दूसरे दौर में वॉकओवर के सहारे आगे बढ़े पांचवें वरीय सात्विक व चिराग ने कोर्ट नंबर एक पर दिन के दसवें व अंतिम मैच में जबर्दस्त प्रदर्शन से अपने अभियान की शुरुआत की।

पूर्व विश्व नंबर एक भारतीय जोड़ी ने जुनैदी आरिफ व याप रॉय किंग की विश्व नंबर 19 मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ पहला गेम टाईब्रेकर में गंवाने के बाद असाधारण वापसी की और एक घंटा 22 मिनट तक खिंचे संघर्ष में 21-23, 21-19, 21-17 से जीत हासिल कर अंतिम आठ में जगह सुरक्षित की।

त्रीसा व गायत्री ने विश्व नंबर 7 जापानी जोड़ी को बाहर किया

इससे पहले कोर्ट नंबर एक पर ही दिन के दूसरे मैच में त्रीसा जॉली व गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने सातवीं वरीयता प्राप्त जापानी रिन इवानागा व की नाकानिशी को सीधे गेमों में परास्त कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। गैर वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने एकतरफा मुकाबले में विश्व नंबर सात रिन व नाकानिशी को 44 मिनट में 21-16 21-12 से हराया।

देखा जाए तो दो दिन पूर्व ही अर्जुन पुरस्कार पाने वाली त्रीसा व गायत्री ने शुरू से अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम को कोई मौका नहीं दिया। यह भारतीय जोड़ी 2022 व 2023 में लगातार दो वर्ष ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थी।

त्रीसा-गायत्री ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक भी जीता था और पिछले वर्ष की शुरुआत में दुनिया की शीर्ष 10 जोड़ियों में जगह बनाई थी। हालांकि इस वर्ष की शुरुआत में त्रीसा के टखने में चोट लगने के कारण यह जोड़ी कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाई थी। उन्होंने इंडोनेशिया ओपन में वापसी की और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज जीता।

कपिला-तनीषा की हार से मिश्रित युगल में मेजबान उम्मीदें खत्म

इस बीच एकल की भांति मिश्रित युगल में भी भारतीय चुनौती समाप्त हो गई, जब दो सीडेड टीमों की टक्कर में ध्रुव कपिला व तनीषा क्रास्टो को चीनी युगल से हार का सामना करना पड़ा। कोर्ट नंबर दो पर खेले गए दिन के पांचवें मैच में 15वें वरीय कपिला व क्रास्टो को गुओ शिन वा और चेन फांग हुई की छठी सीड चीनी जोड़ी ने 31 मिनट में 21-16, 21-5 से शिकस्त दे दी।

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