एशियाई खेल : कुश्ती में भारत को दूसरा स्वर्ण, अमन ने 57 किलो वर्ग में बाजी मारी, पंघाल रजत पदक पा सकीं

नागोया, तीन अक्टूबर। ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता फ्रीस्टाइल पहलवान अमन सहरावत ने 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) में पदक स्पर्धाओं के अंतिम दिन शनिवार को अपने एशियाड कांस्य पदक को स्वर्ण में तब्दील किया। उन्होंने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में विश्व नंबर एक उत्तर कोरियाई मल्ल चोंग सोंग हान को 10-7 से चौंकाते हुए बाजी मारी।

पूनिया ने कांस्य के रूप में दिन का तीसरा पदक दिलाया

हालांकि महाद्वीपीय खिताब जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला पहलवान बनने की अंतिम पंघाल का सपना अधूरा रह गया, जिन्हें 57 किलोग्राम वर्ग में विश्व विजेता जापानी पहलवान मेई मियोका के हाथों हार के चलते रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीता।

2 स्वर्ण सहित 6 पदकों के साथ कुश्ती में भारतीय अभियान समाप्त

कुल मिलाकर देखें तो नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में भारत ने कुश्ती प्रतियोगिता में छह पदकों (दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य) के साथ अपना अभियान समाप्त किया। इनमें अंतिम दिन के तीन पदक (एक स्वर्ण, एक रजत व एक कांस्य) शामिल रहे। मौजूदा संस्करण में कुश्ती का पहला स्वर्ण शुक्रवार को सुजीत कलकल ने फ्रीस्टाइल 65 किलो वर्ग में दिलाया था।

जकार्ता 2018 के बाद पहली बार कुश्ती में मिले दो स्वर्ण

यह 2023 के हांगझू एशियाई खेलों में शीर्ष स्थान से चूकने के बाद भारत के सबसे शानदार प्रदर्शनों में से एक रहा। भारत ने एशियाई खेलों में कुश्ती के दो स्वर्ण पदक 2018 के जकार्ता खेलों के बाद पहली बार जीते हैं। जकार्ता में बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए थे।

अमन के सामने कोरियाई पहलवान हान ने रक्षात्मक रुख अपनाया

खैर, अमन की बात करें तो हांगझू एशियाड के कांस्य पदक विजेता हरियाणवी पहलवान के सामने हान ने रक्षात्मक रवैया अपनाया। अमन ने अपना पहला स्कोरिंग मूव लगाते ही अंक हासिल करना शुरू किया और फिर एक और टेकडाउन करके स्कोर 4-1 कर दिया। उन्होंने बाएं पैर से हमला करते हुए हान को मैट पर पटक दिया और 6-1 की बढ़त बना ली।

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कोरियाई पहलवान ने इसके बाद अपने बाएं घुटने का उपचार कराया। खेल दोबारा शुरू होने के बाद उन्होंने लगातार तीन स्कोरिंग मूव बनाकर 7-6 की मामूली बढ़त हासिल कर ली। लेकिन अमन ने अहम मौके पर अपना संयम बनाए रखा और दो अन्य टेकडाउन करके 10-7 की जीत से स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

23 वर्षीय मल्ल ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। वहीं उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत जापान के यामातो ओगावा पर 20-9 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत के साथ की थी। फिर क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान के नुरदानत ऐतानोव को हराया था।

विश्व चैम्पियन जापानी मियोका को चुनौती नहीं दे सकीं पंघाल  

दूसरी तरफ हांगझू एशियाड में कांस्य पदक जीतने वाली अंतिम पंघाल इस बार अमन सहरावत की तरह स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सकीं। उन्हें महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में 2024 की विश्व चैम्पियन जापान की मियोका के हाथों 1-9 से करारी हार का सामना करना पड़ा। मियोका ने पूरे मुकाबले में अंतिम को कोई दमदार दांव लगाने का मौका नहीं दिया।

दीपक पूनिया ने मंगोलियाई मल्ल को पटखनी देकर कांसा जीता

इस बीच, दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर पदक अपने नाम किया। हांगझू में रजत पदक जीतने वाले 27 वर्षीय दीपक ने इससे पहले चीन के जुनपेंग झोउ को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 12-2 से हराया था। इसके बाद हांगकांग के विंसेंट फंग वुई ली के खिलाफ वॉकओवर मिलने के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उन्हें उज्बेकिस्तान के शेरजोद पोयोनोव के हाथों कड़े मुकाबले में 8-9 से हार का सामना करना पड़ा।

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सागर जगलान कांस्य पदक के मुकाबले में हारे

वहीं सागर जगलान ने मंगोलिया के तुलगा तुमुर-ओचिर पर 8-1 से जीत हासिल करके पुरुषों के 74 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन उन्हें ईरान के योनेस इमामिचोगेई से हार का सामना करना पड़ा। बाद में जगलान ने रेपेचेज राउंड में उज्बेकिस्तान के रजामबेक जामालोव को 7-3 से हराया, लेकिन कांस्य पदक के मुकाबले में कजाखस्तान के नूरकोझा कैपानोव से हार गए।

मनीषा भानवाला पदक दौड़ में जगह नहीं बना सकीं

मनीषा भानवाला भी महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। उन्होंने कोरिया की यंगजिन क्वोन को पिनफॉल से हराया, लेकिन क्वार्टर फाइनल में जापान की ओलंपिक चैंपियन अकारी फुजिनामी से 0-3 से हार गईं। फुजिनामी फाइनल में नहीं पहुंच सकीं, जिससे मनीषा की पदक की उम्मीद भी समाप्त हो गई।

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