नई दिल्ली/इस्लामाबाद, तीन अक्टूबर। पड़ोसी पाकिस्तान का आतंक समर्थित चेहरा एक बार फिर सामने आया है। दरअसल सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक दिन पहले सीमा पर घुसपैठ की कोशिशों पर पानी फेरते हुए दो घुसपैठियो को ढेर किया तो से पाकिस्तान भड़क उठा। उसने इस्लामाबाद में भारत के प्रभारी राजदूत को तलब कर लिया और दोनों मृतकों को आम नागरिक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की काररवाई में दो संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठिए मारे गये थे। पंजाब के तरनतारन में भिखीविंड के पुलिस उपाधीक्षक अतुल सोनी ने बताया था कि यह घटना दोपहर में तरनतारन जिले में हुई। बताया जा रहा है कि तीन घुसपैठिए भारत की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन बाद में उनमें से एक पाकिस्तान की ओर लौट गया।
उकसा रहे थे दोनों घुसपैठिए
सोनी ने बताया था कि बीएसएफ जवानों के द्वारा बार-बार दी गई चेतावनी के बावजूद दोनों भारतीय सीमा की ओर बढ़ते रहे। बीएसएफ के एक संतरी के अनुसार, दोनों घुसपैठिए लगातार उकसा रहे थे और भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद बीएसएफ जवानों ने गोलीबारी की, जिसमें दोनों घुसपैठिए मारे गये। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया।
पाकिस्तान ने घुसपैठ के आरोपों को किया खारिज
पाकिस्तानी अधिकारियों ने हालांकि घुसपैठ के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि मारे गए दोनों लोग आम नागरिक थे, जो सीमा पर घूमने आए थे और अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि भारतीय प्रभारी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब कर दो लोगों की मौत को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
🔊PR No.2️⃣7️⃣2️⃣/2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣
Indian Chargé d’Affaires Summoned Over Killing of Two Pakistani Civilians
🔗⬇️ pic.twitter.com/7o9A1UvrLF
— Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) October 3, 2026
बयान में कहा गया, ‘बीएसएफ कर्मियों ने निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बिना उकसावे के घातक बल का इस्तेमाल किया। बल का ऐसा इस्तेमाल पूरी तरह अनुचित था, जिसके परिणामस्वरूप दो बहुमूल्य जिंदगियां खत्म हो गईं।’ पाकिस्तान ने भारत से घटना की विश्वसनीय जांच करने, जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक और कानूनी काररवाई करने के साथ-साथ जांच के निष्कर्षों और की गई काररवाई से पाकिस्तानी सरकार को औपचारिक रूप से अवगत कराने की मांग की है।


