भारत ने काबुल रिहैब सेंटर पर हमले की कड़ी निंदा की, कहा- सैन्य ऑपरेशन की आड़ में नरसंहार कर रहा पाकिस्तान
नई दिल्ली, 17 मार्च। भारत ने काबुल में एक अस्पताल और रिहैब सेंटर पर हुए एयरस्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान की कड़ी निंदा की करते हुए कहा कि इस हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत हुई है और इसे सैन्य काररवाई बताने की कोशिश की जा रही है, जो अस्वीकार्य है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह ‘कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य’ है। किसी अस्पताल या नागरिक ठिकाने को सैन्य लक्ष्य बताना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता। भारत ने इस हमले को अफगानिस्तान की संप्रभुता पर ‘खुला हमला’ करार दिया और कहा कि यह क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है। यह पाकिस्तान के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और सीमाओं के बाहर हिंसा फैलाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
रमजान के दौरान हमले पर भी उठाए सवाल
भारत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि यह हमला पवित्र महीने रमजान के दौरान किया गया। मंत्रालय ने कहा कि यह समय शांति, संयम और करुणा का होता है, ऐसे में इस तरह की कार्रवाई और भी अधिक निंदनीय है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से काररवाई की अपील
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस ‘आपराधिक कृत्य’ के दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और अफगान नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाओं को तुरंत रोका जाए।
Our statement on Pakistan’s cowardly targeting of Kabul Hospital
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) March 17, 2026
इसके साथ ही भारत ने हमले में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने समर्थन को दोहराया।
तालिबान का दावा – सैकड़ों लोगों की मौत
उल्लेखनीय है कि तालिबान अधिकारियों ने काबुल स्थित ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर हुए इस हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत और कम से कम 250 लोगों के घायल होने का दावा किया है। यह घटना राजधानी में हाल के वर्षों की सबसे भयावह घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
अफगानिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय चुप्पी पर जताई चिंता
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उसने कहा कि यह वैश्विक जिम्मेदारी की अनदेखी को दर्शाता है और आम नागरिकों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
