पश्चिम एशिया में फिर बढ़ते तनाव से तेल की कीमतों में उछाल पर भारत चिंतित, सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील
नई दिल्ली, 8 जुलाई। पश्चिम एशिया में हालिया हमलों के चलते एक बार फिर बढ़ते तनाव को लेकर भारत ने गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता) से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को फिर से निशाना बनाया गया है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात एक बयान जारी करते हुए कहा, ‘पश्चिम एशिया में हाल के हमलों और बढ़ते तनाव को लेकर भारत बहुत चिंतित है। ये घटनाएं तब हुई हैं, जब इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को फिर से निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।’
Our statement on recent developments in West Asia ⬇️
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 8, 2026
रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने का आह्वान करता है। हम सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे इस संघर्ष का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान खोजने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाएं।’
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 6.52 प्रतिशत यानी 4.69 डॉलर बढ़कर करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं, अमेरिका के वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) तेल की कीमत भी छह प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 75 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले की चेतावनी दी
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान को चेतावनी दी कि यदि तेहरान ने हमले जारी रखे तो अमेरिका आगे भी सैन्य काररवाई कर सकता है और नौसैनिक नाकेबंदी भी लागू कर सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत अब उन्हें ज्यादा उपयोगी नहीं लगती। हालांकि उन्होंने यह संकेत दिया कि उनके अधिकारी बातचीत जारी रख सकते हैं।

ईरान पर अस्थायी संघर्षविराम के उल्लंघन का लगाया आरोप
ट्रंप ने ये बातें अंकारा में हुए नाटो सम्मेलन के दौरान नाटो महासचिव मार्क रूटे और बाद में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ मुलाकात के दौरान कहीं। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिका की ओर से दिए गए अस्थायी संघर्षविराम का उल्लंघन किया।
‘ईरान ने जहाजों पर रॉकेट दागे, इसलिए हमने उसे कड़ा जवाब दिया’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘उन्होंने हमसे कहा था कि अंतिम संस्कार के दौरान हमें निशाना न बनाएं। मैंने कहा था कि ऐसा नहीं करूंगा। हमने ऐसा नहीं किया। बल्कि हमने उनके लिए स्थिति सुरक्षित बनाई। इसके बाद ईरान ने फिर से हमले शुरू कर दिए। उन्होंने कल जहाजों पर रॉकेट दागने शुरू कर दिए। इसलिए हमने उन्हें बहुत कड़ा जवाब दिया। मैं कहूंगा कि यह 20 गुना ज्यादा ताकतवर हमला था। मैंने उनसे कहा है कि जब भी आप हमला करेंगे, हम जवाब देंगे।’
‘संभव है कि हम आज रात उन्हें फिर कड़ा जवाब दें’
यह पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब फिर से बड़े स्तर पर युद्ध शुरू होना है, तो ट्रंप ने साफ जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि आगे और हमले हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘संभव है कि हम आज रात उन्हें फिर कड़ा जवाब दें। मैं उन्हें थोड़ी चेतावनी भी दूंगा।’
अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ काररवाई का दायरा बढ़ाने के निर्देश
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ काररवाई का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने सेना से कहा है कि पाइपलाइन को निशाना मत बनाओ, लेकिन खार्ग द्वीप पर बाकी सभी ठिकानों को निशाना बनाओ।’ खार्ग द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है।
वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने उन ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
