लखनऊ, 7 सितंबर। लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। नीम करोली बाबा के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित इस फिल्म ने अपनी रिलीज के पांचवें रविवार को यह उपलब्धि हासिल की। खास बात यह है कि फिल्म ने महज ₹10 लाख की ओपनिंग के साथ अपना सफर शुरू किया था।
सिर्फ 25 स्क्रीन्स से हुई थी शुरुआत
‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त को महज 25 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई थी। शुरुआत में फिल्म की रफ्तार बेहद धीमी रही और पहले हफ्ते में करीब ₹1.08 करोड़ का कलेक्शन हुआ। दूसरे हफ्ते में कमाई घटकर लगभग ₹40 लाख रह गई। हालांकि, तीसरे हफ्ते में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त वापसी की। इस दौरान फिल्म ने करीब ₹10.40 करोड़ का कलेक्शन किया। इसके बाद भी फिल्म की कमाई में मजबूती बनी रही और धीरे-धीरे इसका प्रदर्शन उम्मीद से कहीं बेहतर होता चला गया।
बड़ी फिल्मों के बीच भी कायम रखी पकड़
‘हनुमान अंश’ की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी रिलीज से मुकाबला करना पड़ा। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ जैसी चर्चित रिलीज के बीच भी फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अपनी रिलीज के पांचवें शुक्रवार को कई बड़ी हिंदी फिल्मों के पांचवें शुक्रवार के कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया। फिल्म की लगातार बढ़ती कमाई को उसके मजबूत वर्ड ऑफ माउथ और दर्शकों के बीच बनी आध्यात्मिक अपील से जोड़कर देखा जा रहा है।
कहानी और निर्देशन की जिम्मेदारी विशाल चतुर्वेदी ने संभाली
फिल्म की इस सफलता के केंद्र में लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की रचनात्मक दृष्टि भी अहम रही है। उन्होंने फिल्म की कहानी लिखने के साथ इसका निर्देशन भी किया। नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं को बड़े पर्दे पर पेश करने के लिए फिल्म में आध्यात्मिक पहलू को कहानी के केंद्र में रखा गया है। कम स्क्रीन्स और बेहद छोटे शुरुआती कलेक्शन के बावजूद फिल्म का लगातार आगे बढ़ना इसके निर्माताओं और टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है।
₹10 लाख से ₹100 करोड़ तक का सफर
‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस यात्रा इस मायने में भी असाधारण है कि फिल्म ने बेहद छोटे स्तर से शुरुआत की और पांचवें रविवार तक ₹100 करोड़ के क्लब में पहुंच गई। फिल्म का प्रदर्शन यह दिखाता है कि सीमित रिलीज के बावजूद अगर किसी कहानी को दर्शकों से मजबूत जुड़ाव मिलता है, तो वह लंबे समय तक सिनेमाघरों में अपनी जगह बना सकती है।फिल्म की सफलता में आस्था, आध्यात्मिक विषय, मजबूत वर्ड ऑफ माउथ और दर्शकों का लगातार समर्थन अहम भूमिका निभाते नजर आए हैं।


