लखनऊ,7 सितंबर। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से हर व्यक्ति को साक्षर बनाने के साथ डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) साक्षरता को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं है, बल्कि बच्चों में ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी है।
मुख्यमंत्री ने अपनी ‘योगी की पाती’ में कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की नींव मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का अवसर मिलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों को दिशा देने का काम करते हैं।
शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चों का स्कूल जाना केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिक्षा के जरिए विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों की समझ विकसित करना जरूरी है। उन्होंने भारतीय गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों और दायित्वबोध की शिक्षा भी दी जाती थी। आज की शिक्षा व्यवस्था में भी इसी समग्र दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
डिजिटल और AI साक्षरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में डिजिटल साक्षरता के साथ AI साक्षरता भी बेहद जरूरी हो गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक और नई तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ने का प्रयास कर रही है। लखनऊ में AI सिटी और कानपुर में ड्रोन एवं UAV तकनीक का विकसित होता इकोसिस्टम प्रदेश के तकनीकी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यालयों की सुविधाएं बढ़ाने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने और युवाओं को कौशल से जोड़ने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश में ड्रॉपआउट दर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है और ज्यादा बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
‘हर व्यक्ति को साक्षर बनाना सभी की जिम्मेदारी’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साक्षरता का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। यदि आसपास कोई व्यक्ति अक्षर ज्ञान से वंचित है तो उसे पढ़ना-लिखना सिखाना सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति को पढ़ना-लिखना सिखाने का छोटा-सा प्रयास भी उसके जीवन में ज्ञान और आत्मविश्वास के नए द्वार खोल सकता है।
CM योगी ने लिया साक्षर उत्तर प्रदेश का संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े और हर नागरिक साक्षर होने के साथ डिजिटल ज्ञान तथा AI के प्रति भी जागरूक बने। उन्होंने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को सशक्त करता है, शिक्षा समाज को आगे बढ़ाती है और साक्षरता राष्ट्र की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है।


