E20 पेट्रोल विवाद : उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश
रायपुर, 16 जुलाई। ई20 पेट्रोल से वाहन में खराबी के मामले में देश का पहला महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कार मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए वाहन निर्माता और संबंधित पक्षकारों को 45 दिनों के भीतर नई कार उपलब्ध कराने या करीब 20.50 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। मामले के अनुसार, रायपुर निवासी प्रेमराज देवता ने 12 मार्च 2025 को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, जिसका पंजीकरण 16 अप्रैल 2025 को हुआ। आयोग ने 14 जुलाई को अपना फैसला सुनाया।
ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद आने लगीं दिक्कतें
शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी मारुति ग्रैंड विटारा में ई20 पेट्रोल का इस्तेमाल शुरू करने के बाद इंजन से जुड़ी कई समस्याएं सामने आने लगीं। वाहन में मिसफायरिंग, परफॉर्मेंस में गिरावट और माइलेज कम होने जैसी शिकायतें लगातार बनी रहीं। कई बार सर्विस सेंटर में जांच और मरम्मत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
आयोग ने माना उपभोक्ता के पास विकल्प नहीं था
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत मामले की सुनवाई करते हुए आयोग ने परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार किया। आयोग ने माना कि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ई20 पेट्रोल ही उपलब्ध होने के कारण उपभोक्ता के पास व्यवहारिक रूप से किसी अन्य ईंधन का विकल्प नहीं था।
45 दिन में नई कार या 20.50 लाख रुपये देने का आदेश
आयोग ने आदेश दिया कि संबंधित पक्षकार शिकायतकर्ता की पुरानी कार वापस लेकर उसी मॉडल की नई, ई20 ईंधन के अनुकूल कार 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो वाहन की कीमत और अन्य संबंधित खर्चों सहित 20,50,494 रुपये का भुगतान करना होगा।
मानसिक क्षति का भी मिलेगा मुआवजा
आयोग ने शिकायतकर्ता को हुई मानसिक पीड़ा के लिए 1 लाख रुपये तथा मुकदमे के खर्च के लिए 10 हजार रुपये देने का भी निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार, यदि 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो पूरी राशि पर भुगतान की तारीख तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
