PM मोदी ने साझा किया स्वास्थ्य पर खास संस्कृत सुभाषित, बताया- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का मूल आधार है आरोग्य

नई दिल्ली, 28 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्वास्थ्य और जीवन के महत्व से जुड़ा एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इसमें अच्छे स्वास्थ्य को जीवन के चार प्रमुख पुरुषार्थों-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष-की प्राप्ति का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। पीएम मोदी की ओर से साझा किया गया यह श्लोक चरक संहिता के सूत्रस्थान के प्रथम अध्याय के 15वें श्लोक में मिलता है।

पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत श्लोक

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा-

“सुखोपविष्टास्ते तत्र पुण्यां चक्रुः कथामिमाम्।
धर्मार्थकाममोक्षाणामारोग्यं मूलमुत्तमम्।।”

इसका भावार्थ है कि सुखपूर्वक बैठे महर्षियों ने पुण्यशाली विषय पर चर्चा की और बताया कि धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष की प्राप्ति का उत्तम आधार आरोग्य यानी अच्छा स्वास्थ्य है। चरक संहिता में यह श्लोक महर्षियों की उस चर्चा के संदर्भ में आता है, जिसमें मानव जीवन और स्वास्थ्य के महत्व पर विचार किया गया है।

क्या है चार पुरुषार्थों का अर्थ?

भारतीय दर्शन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को जीवन के चार प्रमुख पुरुषार्थ माना गया है। धर्म का संबंध कर्तव्य और सदाचरण से, अर्थ का आजीविका और समृद्धि से, काम का इच्छाओं एवं जीवन के सुखों से और मोक्ष का आध्यात्मिक मुक्ति से जोड़ा जाता है। साझा किए गए सुभाषित का मूल संदेश यह है कि स्वस्थ शरीर और जीवन के बिना इन लक्ष्यों की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ना कठिन हो सकता है। इसी वजह से इसमें आरोग्य को इन चारों पुरुषार्थों का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।

चरक संहिता में स्वास्थ्य को दिया गया महत्व

चरक संहिता के दीर्घंजीवितीय अध्याय में अनेक महर्षियों के एकत्र होने और आयुर्वेद से जुड़े विषयों पर चर्चा का प्रसंग आता है। इसी क्रम में कहा गया है कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति के लिए आरोग्य उत्तम मूल है। इस विचार में स्वास्थ्य को केवल बीमारी से मुक्ति तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि जीवन के विभिन्न उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक आधार के रूप में देखा गया है। अस्वस्थता की स्थिति में व्यक्ति के लिए अपने दैनिक दायित्वों, आजीविका, पारिवारिक जीवन और आध्यात्मिक साधना पर ध्यान केंद्रित करना कठिन हो सकता है।

स्वास्थ्य को लेकर लगातार सुभाषित साझा कर रहे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी संस्कृत सुभाषितों के माध्यम से स्वास्थ्य, कल्याण, सदाचार और जीवन मूल्यों से जुड़े संदेश साझा करते रहे हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने अलग-अलग अवसरों पर ऐसे सुभाषित साझा किए हैं, जिनमें कल्याण, धर्म, ज्ञान, अहिंसा और सकारात्मक जीवन मूल्यों पर जोर दिया गया।

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