दिल्ली सरकार का फैसला – सभी मोहल्ला क्लीनिकों को  शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अपग्रेड किया जाएगा

नई दिल्ली, 21 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी में रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार शपथ लेते ही एक्शन मोड में है। इस क्रम में शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने पूर्व की अरविंद केजरीवाल सरकार की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं – मोहल्ला क्लीनिक एवं बसों में फ्री राइड को लेकर बड़े फैसले किए।

553 मोहल्ला क्लानिक 30 दिनों के भीतर आरोग्य मंदिर में बदल जाएंगे

सर्वप्रथम दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली की मौजूदा 553 मोहल्ला क्लीनिकों को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (U-AAM) में अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए 30 दिनों का लक्ष्य रखा गया है। यानी 30 दिनों के भीतर दिल्ली के 553 मोहल्ला क्लानिक आरोग्य मंदिर में बदल जाएंगे।

पहले से ही मोहल्ला क्लीनिकों के नाम बदले जाने की अटकलें थीं

उल्लेखनीय है कि दिल्ली चुनाव के दौरान भाजपा ने मोहल्ला क्लीनिक के जरिए भी आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार और दिल्ली के लोगों को लूटने का आरोप भी लगाया था। ऐसे में भाजपा की सरकार आने के बाद मोहल्ला क्लीनिकों का नाम बदले जाने को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थी। राजौरी गार्डन से भाजपा के विधायक व मौजूदा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी कहा था कि मोहल्ला क्लीनिकों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर रखा जाएगा, ताकि वे लोगों की सेवा के वास्तविक केंद्र बन सकें।

मोहल्ला क्लीनिकों की होगी जांच

इस बीच दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य और परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों की जांच कराई जाएगी। वहीं दवाइयां की कमी से लेकर डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन तक की जांच की जाएगी। पंकज सिंह ने साफ कहा कि यदि कोई गड़बड़ी मिलती है तो इसमें कार्यवाही की जाएगी।

जारी रहेगी महिलाओं के लिए फ्री बस राइड

वहीं फ्री बस राइड को लेकर भी पंकज सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बसों में महिलाओं का फ्री सफर जारी रहेगा। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा रहा है।

सभी महिलाओं को नहीं मिलेंगे 2500 रुपये, पहले से ही शर्तें तय

इससे पहले गुरुवार की शाम नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में राजधानी में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी गई तो महिला समृद्धि योजना पर चर्चा हुई और आठवीं विधानसभा के पहले सत्र में कैग की 14 लंबित रिपोर्ट पेश करने का भी निर्णय लिया गया।

लेकिन महिला समृद्धि योजना का पैसा सभी महिलाओं को नहीं दिया जाएगा, यह बात भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में स्पष्ट कर दी थी। यह योजना सिर्फ गरीब परिवार की महिलाओं के लिए है। भाजपा ने संकल्प पत्र में लिखा था, ‘हम महिला समृद्धि योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को मासिक 2500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएंगे।’

आयकर दाता, सरकारी वेतनभोगी व पेंशनभोगी महिलाएं दायरे से बाहर रहेंगी

अब यहां ‘गरीबी’ की परिभाषा क्या होगी, यह सरकार को तय करना है। एक निश्चित आय की सीमा तय की जाएगी, जिसके दायरे में आने वाले परिवारों की महिलाओं को यह राशि मिलेगी। परिवार की आय के अलावा दो और शर्तें लगभग तय हैं। आयकर दाता महिलाओं को भी इस दायरे से बाहर रखा जा सकता है। सरकारी वेतनभोगी और पेंशनभोगी महिलाओं को भी योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये मासिक मदद दी जानी है। इसके लिए पात्रता की शर्तें, आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। जल्द ही इसका प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और इसे कैबिनेट में लाया जाएगा। दरअसल, सरकार को अभी इसकी नियम-शर्तें तय करनी हैं और इसके बाद रजिस्ट्रेशन भी करना होगा। भाजपा की ओर से आठ मार्च को पहली किस्त देने का वादा किया गया था, जिसमें अभी करीब 15 दिनों का समय बचा हुआ है।

आयुष्मान भारत योजना लागू

सीएम रेखा गुप्ता ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयुष्मान भारत योजना लागू करने भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, ‘आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार ने दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना को रोक दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पूरे देश में लागू किया और अब हमने इसे दिल्ली के लिए मंजूरी दे दी है।’

प्रत्येक लाभार्थी को कुल 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर

मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को कुल 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाएगा, जिसमें केंद्र और दिल्ली सरकार 5-5 लाख रुपये का योगदान देंगी। उन्होंने कहा, ‘औपचारिकताएं जल्द ही पूरी कर ली जाएंगी और योजना का कार्यान्वयन शीघ्र शुरू हो जाएगा।’

नियुक्तियों को किया गया रद

इसके अलावा दिल्ली सरकार के एक अन्य अहम फैसले में AAP सरकार ने जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरी जगह नियुक्त किया था, उन्हें तुरंत अपने मूल विभागों को रिपोर्ट करने को कहा गया है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पर्सनल स्टाफ की भी सेवाएं खत्म कर दी गई हैं।

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