दिल्ली आबकारी नीति घोटाला : बीआरएस नेता कविता को सुप्रीम कोर्ट से राहत, ED 20 नवम्बर तक जारी नहीं करेगा समन

नई दिल्ली, 26 सितम्बर। दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में गंभीर आरोपों का सामना कर रहीं भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के. कविता को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। इस क्रम में प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 20 नवम्बर को कविता की याचिका पर सुनवाई होने तक वह बीआरएस नेता को समन नहीं जारी करेगा।

कविता ने जांच एजेंसी द्वारा जारी समन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी

जस्टिस संजय किशन और सुधांशु धूलिया की बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से अदालत में मौजूद सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से कहा कि इस दौरान उन्हें (कविता को) न बुलाएं। इसपर एसवी राजू ने अदालत को आश्वासन दिया कि कविता को सवाल-जवाब के लिए 20 नवम्बर तक नहीं बुलाया जाएगा। कविता ने अपनी याचिका में जांच एजेंसी द्वारा उन्हें जारी किए गए समन को चुनौती दी थी। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनके प्रोटेक्शन को लेकर दिए गए अंतरिम आदेश की अवधि को बढ़ाया जाए।

ईडी ने दिल्ली स्थित ऑफिस में कविता को पूछताछ के लिए बुलाया था

ईडी ने 15 सितम्बर को शीर्ष अदालत को बताया था कि एजेंसी ने कविता को हाजिर होने के लिए जो समन जारी किया है, उसे 10 दिनों के लिए बढ़ाया गया है। ईडी ने चार सितम्बर को कविता को समन जारी किया था। ईडी ने इस समन के जरिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता को 15 सितम्बर तक अपने दिल्ली स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था।

इसके बाद के कविता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर यह गुहार लगाई थी कि एजेंसी द्वारा उनपर किसी तरह की काररवाई पर रोक लगाई जाए। यह याचिका अभी अदालत में लम्बित है। कविता ने अदालत से गुहार लगाते हुए कहा था कि चूकि उनकी एक याचिका अदालत में लम्बित है, लिहाजा कोर्ट एजेंसी को यह आदेश दे कि वो उन्हें इस तरह नोटिस या समन जारी ना करे।

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