यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया ध्वजारोहण, बोलीं- कमजोर वर्गों के उत्थान की जिम्मेदारी सबकी

लखनऊ, 15 अगस्त। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को जन भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जन भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। साथ ही उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।

राज्यपाल ने जन भवन के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और आत्मचिंतन का अवसर है। राष्ट्रध्वज हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की याद दिलाता है, जिन्होंने संघर्ष, त्याग और बलिदान के बल पर देश को स्वतंत्रता दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।

राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विकास और भविष्य को लेकर किए गए संकल्पों को समझना और उन्हें साकार करने में अपनी भूमिका तय करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर आए हैं, लेकिन अभी भी समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, किसानों की सहायता करना तथा समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने वर्तमान में चल रही जनगणना का उल्लेख करते हुए लोगों से सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील भी की। नक्सलवाद के विषय में अपने अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राज्यपाल रहते हुए उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की चुनौतियों को करीब से देखा है।

उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में शहीद हुए सैनिकों और सुरक्षा बलों के जवानों के साहस एवं बलिदान को नमन किया तथा कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में अब पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा देश के समग्र विकास के लिए निर्धारित ‘सप्तधारा’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समय की आवश्यकता के अनुरूप पुराने और अप्रासंगिक कानूनों में भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं।

राज्यपाल ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की भावना का संचार किया। उन्होंने उन देशभक्तों और मातृशक्तियों को नमन किया जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी ‘वंदे मातरम्’ का गायन नहीं छोड़ा।

इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने भी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा राज्यपाल के नेतृत्व में जन भवन में हुए नवाचारों की सराहना की। समारोह में जन भवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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