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गुजरात चुनाव : पीएम मोदी को ‘रावण’ बताकर फिर फंसी कांग्रेस!

गुजरात चुनाव : पीएम मोदी को ‘रावण’ बताकर फिर फंसी कांग्रेस!

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नई दिल्ली, 29 नवम्बर। गुजरात विधानसभा के लिए पहले चरण का चुनाव प्रचार मंगलवार की शाम भले ही थम गया, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक वार-प्रतिवार का सिलिसला नहीं थमा है। अब भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष के उस बयान को अपना हथियार बना लिया है, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी के लिए ‘रावण’ शब्द का प्रयोग किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने पीएम मोदी पर कसा था तंज

उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद के बेहरामपुरा में सोमवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने भाजपा द्वारा नगर निकाय, नगर निगम और विधानसभा तक के चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट मांगे जाने को लेकर तंज कसा था। भाजपा द्वारा नगरपालिका चुनाव में भी मोदी के नाम पर वोट मांगे जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा था, ‘क्या मोदी यहां आकर नगरपालिका का काम करने वाले हैं? क्या मोदी आकर यहां मुसीबत में आपकी मदद करने वाले हैं? अरे, आप तो प्रधानमंत्री हो। आपको जो काम दिया गया है। वह काम करो।’

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘वह काम छोड़कर नगर निगम चुनाव, एमएलए इलेक्शन… एमपी इलेक्शन… चूंकि उनको प्रधानमंत्री बनना है, तो फिरते रहते हैं… लेकिन हर वक्त अपनी ही बात करते हैं। आप किसी को मत देखो, मोदी को देखकर वोट दो। भाई तुम्हारी सूरत को कितनी बार देखना। नगर निगम में भी तुम्हारी सूरत देखना, एमएलए इलेक्शन में भी तुम्हारी सूरत देखना… एमपी इलेक्शन में भी तुम्हारी सूरत…हर जगह…कितने हैं भई…क्या आपके रावण के जैसे 100 मुख हैं। क्या है?…समझ में नहीं आता मुझे।’

यह कोई पहला मौका नहीं है, जब कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी के लिए ‘अनाप-शनाप’ शब्दों का प्रयोग किया है। हालांकि हर बार कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। कभी ‘मौत का सौदागर’, तो कभी ‘हिटलर’, तो कभी ‘सांप-बिच्छू’ वगैरह-वगैरह। वर्ष 2007 में जब गुजरात विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान जारी था, तब कांग्रेस ने आक्रामक शैली में प्रचार की शुरुआत की थी। उस समय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं। उन्होंने एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी को ‘मौत का सौदागर’ बता दिया था। तब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

सोनिया के उस बयान के बाद भाजपा को मानो जैसे कांग्रेस के खिलाफ एक नया ‘हथियार’ मिल गया। मोदी ने उसके बाद जितनी भी सभाओं को संबोधित किया, हर भाषण में इसका जिक्र किया। उनकी भावनात्मक अपील काम कर गई। अंततः कांग्रेस के हाथों से जीत फिसल गई, जिसे यह आभास हो रहा था कि वह बढ़त बना सकती है।

इसी तरह से 2017 का विधानसभा चुनाव बहुत ही यूनिक था। लंबे समय बाद कांग्रेस ने प्रचार का तरीका बदला था। राहुल गांधी वहां पर मंदिर-मंदिर जाकर माथा टेक रहे थे। कांग्रेस अपने को हिन्दुत्व का ‘पैरोकार’ बताने से नहीं चूक रही थी। इन सबके बाद भाजपा को 99 सीटें मिलीं, वह भी तब जबकि प्रचार के दौरान अचानक ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी के लिए ‘नीच’ शब्द का प्रयोग कर दिया।

मणिशंकर के इस बयान से पूरी कांग्रेस में खलबली मच गई थी। पीएम मोदी ने उसके बाद इस बयान का बार-बार जिक्र किया। अपनी सभी चुनावी सभाओं में कहा, “कांग्रेस मेरे लिए ‘नीच’ शब्द का प्रयोग करती है, यह गुजरातियों का अपमान है।” पीएम मोदी ने अपने भाषण में यह साबित करने की कोशिश की थी कि कांग्रेस पिछड़ी जाति विरोधी है। कांग्रेस को 77 सीटें मिलीं थीं। अगर कांग्रेस नेता का यह बयान नहीं आता तो चुनाव परिणाम कुछ और भी हो सकता था।

वैसे 2019 लोकसभा चुनाव में भी राहुल गांधी ने पीएम मोदी के लिए बार-बार ‘चौकीदार चोर है’, नारों के जरिए ‘निजी’ हमला किया था। तब पीएम मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान चलाया था। भाजपा के हर नेता ने सोशल मीडिया पर अपनी डीपी बदल ली थी, और ‘मैं भी चौकीदार’ नारा लगा रहे थे। राहुल गांधी ने राफेल सौदे का जिक्र कर चौकीदार चोर है, नारे का खूब प्रयोग किया। चुनाव परिणाम के बाद पता चला कि यह नारा राहुल के खिलाफ चला गया।

यहां पर कांग्रेस का पीएम मोदी पर किए गए एक और हमले का जिक्र जरूरी है। हरियाणा चुनाव (2019) में कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोर्चा संभाला था। प्रियंका ने पीएम मोदी के लिए ‘दुर्योधन’ शब्द का प्रयोग किया, तब पीएम मोदी ने अपनी सभाओं में तीखे हमले किए थे। पीएम ने पलटवार करते हुए कहा था, ‘कांग्रेस पार्टी और उसके नेता प्रेम का नकाब पहनकर मुझे गालियां देते हैं। इन नेताओं ने मुझे रावण, सांप, बिच्छू, गंदा आदमी, जहर बोने वाला, मौत का सौदागर, हिटलर, मुसोलिनी कहकर गाली दी, इन नेताओं ने मेरी मां को गाली दी और पूछा कि मेरे पिता कौन है। ये सारी गालियां पीएम बनने के बाद मुझे दी गई, मुझ पर एकतरफा जुल्‍म हो रहा है।’ पीएम मोदी की इस अपील का असर हरियाणा पर दिखा और वहां पर पहली बार भाजपा दोबारा से सत्ता में आ गई।

अब खड़गे के ताजा बयान पर कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के नेता ने उसके (कांग्रेस के) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को फ्रिंज (अराजक) कहकर दलित विरोधी विषवमन किया है, जो भाजपा की मानसिकता को दिखाता है। पवन खेड़ा ने मालवीय के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, ‘वे (भाजपा) इस तथ्य को पचा क्यों नहीं पा रहे हैं कि एक दलित कांग्रेस का निर्वाचित अध्यक्ष बन गया? उन्हें फ्रिंज कहना यह दिखाता है कि आप और आपकी पार्टी दलितों के बारे में क्या सोचती है?

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘आपके पास यह दुस्साहस है कि एक वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले और पिछले 55 वर्षों से चुनाव जीत रहे व्यक्ति को फ्रिंज कहा जाए। हमें कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर खड़गे जी पर गर्व है।’

 

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