CJP नेताद्वय सौरव दास व आशुतोष रांका अभी जेल में ही रहेंगे, जमानत पर सुनवाई टली

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं – सौरव दास व आशुतोष रांका की जमानत पर सुनवाई रविवार को टल गई। वहीं सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया कि तय समय पर स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट (SEM) नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक चार जमानतदारों को भी ‘वजह स्पष्ट किए बिना’ खारिज कर दिया गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट को धमकी, अज्ञात लोगों के खिलाफ NCR दर्ज

इस बीच दिल्ली पुलिस ने सौरव दास व आशुतोष रांका की जमानत सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट को मिली धमकी के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट यानी NCR दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने रविवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ एक NCR (गैर-संज्ञेय अपराध की रिपोर्ट) दर्ज की है। इन अज्ञात लोगों ने सौरव दास व आशुतोष रांका की जमानत कार्यवाही के दौरान मजिस्ट्रेट को धमकी दी।

रत्ना सिंह ने पुलिस पर जमानत प्रक्रिया में जान बूझकर देरी का लगाया आरोप

रत्ना सिंह ने पुलिस पर जमानत प्रक्रिया में जान बूझकर देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट ने धमकी का हवाला दिया जबकि कुछ जमानतें बिना वजह खारिज कर दी गईं। हालांकि पुलिस ने सीजेपी के आरोपों को खारिज कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया था। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने जंतर-मंतर के बंद गेट को पार कर वहां प्रवेश किया था। CJP नेताओं का कहना है कि उन्होंने वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया और नारे लगाए थे।

रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि वह पूर्वाह्न 11 बजे से पुलिस स्टेशन में मौजूद थीं जबकि सुनवाई दोपहर 12 बजे होनी थी। उन्होंने कहा कि शाम 4.42 बजे तक ACP/SEM मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन नहीं पहुंचे थे।

रत्ना सिंह ने इसी क्रम में आरोप लगाया कि अब तक चार जमानतदारों को अस्पष्ट कारणों से खारिज किया गया है। साथ ही प्रदर्शन में शामिल होने के कारण जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज है, उन्हें भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाला बताया जा रहा है। इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध नहीं है

एक अन्य पोस्ट में रत्ना सिंह ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध नहीं है और केवल प्रक्रिया में देरी के कारण दोनों को हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में SEM अदालतों के कामकाज पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह अधिकारों का गलत इस्तेमाल है।

पुलिस ने खारिज किए देरी के आरोप, कहा- तय प्रक्रिया का पालन किया जा रहा

वहीं ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के देरी के आरोपों को खारिज कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि तय प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘दरअसल, वे गलत जमानत बॉण्ड जमा कर रहे हैं। ऐसे जमानती बॉण्ड को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हमें प्रक्रिया का पालन करना ही होगा।’

दूसरी तरफ SEM ने रविवार की शाम को कहा कि वह धमकियों और इतने जोखिम के बीच काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, ‘इसलिए हमें सुनवाई में देरी करनी पड़ी। अब हम धमकी मामले की जांच कर रहे हैं।’

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular