लखनऊ, 26 जून। राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की जांच रिपोर्ट के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर गुरुवार को ही आठ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था और 24 घंटे के अंदर ही चंपत राय व अनिल मिश्रा ने पद छोड़ दिया।
7-7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोपों के बाद SIT जांच
ज्ञातव्य है कि अयोध्या से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे कुछ दिनों पर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि राम मंदिर के लिए मिले दान में से सात करोड़ रुपये से 7.5 करोड़ रुपये के बीच की रकम का गबन किया गया। पवन पांडे के आरोपों के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को गर्माहट दी और न्यायालय इस मामले में जांच की मांग की।
विवाद बढ़ने के बीच राज्य सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर कथित घोटाले की जांच के लिए 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी द्वारा प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ श्रीराम जन्मभूमि कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई एफआईआर
यह शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई है, जिन्हें पूर्व ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सितम्बर 2025 में ट्रस्ट में शामिल किया गया था। एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है, इनमें रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष, करुणेश और लवकुश मिश्रा शामिल हैं। इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

