कोलंबो, 27 अगस्त। पहली पारी में शतकीय प्रयास के बावजूद फॉलोऑन नहीं टाल सके स्थानीय सितारे सोनल दिनुशा दूसरे टेस्ट के पांचवें व अंतिम दिन भारतीय आक्रामण के सामने फिर अभेद्य दीवार बनकर खड़े हो गए। इस क्रम में 25 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज ने सीरीज में न सिर्फ तीसरा शतक (नाबाद 133 रन, 264 गेंद, 420 गेंद, दो छक्के, आठ चौके) ठोका वरन पुछल्ले साथी बल्लेबाजों संग मिलकर टीम इंडिया को एक निश्चित प्रतीत हो रही जीत से वंचित कर दिया।
Sri Lanka’s resilience with the bat ensures that only three wickets fall on the final day. The two teams shake hands after a hard-fought Test, which ends in a draw.#TeamIndia win the series 1-0.
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— BCCI (@BCCI) August 27, 2026
दिनुशा व नुवांथा के बीच सातवें विकेट पर 112 रनों की साझेदारी
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ दिनुशा ने पैर में जकड़न से जूझने के बावजूद जबर्दस्त पराक्रम दिखाते हुए 89 ओवरों तक मेहमान गेंदबाजों और क्षेत्ररक्षकों को दिनभर थकाया। उन्होंने पिछली शाम के नाबाद बल्लेबाज केशारा नुवांथा (46 रन, 150 गेंद, 175 मिनट, चार चौके) संग सातवें विकेट पर 112 रनों की साझेदारी की और फिर अन्य पुछल्लों का साथ पाकर पराक्रमी शतक पूरा करने के साथ दल को 400 के पार पहुंचा दिया।
Sonal Dinusha anchored the innings time and time again this series. That is true lion-hearted determination! 🦁🇱🇰 #SLvIND #SriLankaCricket pic.twitter.com/kkhqgH2PEZ
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अंततः श्रीलंका ने चाय के बाद अंतिम घंटे में नौ विकेट पर 429 रन बनाकर पारी घोषित की और भारत के सामने जीत के लिए 217 रनों का असंभव लक्ष्य रखा, जिसे स्वीकार करने का कोई मतलब नहीं था, लिहाजा भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंकाई समकक्ष धनंजय डीसिल्वा से बराबरी का हाथ मिलाया और टेस्ट ड्रॉ घोषित कर दिया गया।
A victory in the first Test at Galle and a closely contested second Test ending in a draw at Colombo.
India win the Series 1–0. #SLvIND pic.twitter.com/SjCwxmZtIS
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टीम इंडिया ने विदेशी सरजमीं पर 3 वर्षों में पहली बार जीती सीरीज
खैर, गॉल टेस्ट में 165 रनों की बड़ी जीत हासिल करने वाले भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम लिखाई। यह जीत इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण थी कि भारत ने विदेशी सरजमीं पर पिछले तीन वर्षों से कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीत सका था। भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ घोषित किया गया, जिन्होंने बड़े शतक से गॉल टेस्ट की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
3️⃣ inns
3️⃣2️⃣8️⃣ runs
1️⃣0️⃣9️⃣.3️⃣3️⃣ average
1️⃣0️⃣0️⃣s – 2The prolific Devdutt Padikkal is named the Player of the Series 💪 💪 #TeamIndia #SLvIND pic.twitter.com/F6LGMsA1V8
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दिनभर में श्रीलंका के बचे 4 विकेट नहीं निकाल सके भारतीय गेंदबाज
एसएससी ग्राउंड पर पिछली शाम को दो नाबाद बल्लेबाजों – दिनुशा व नुवांथा ने 6-229 से दूसरी पारी आगे बढ़ाई तो उस समय मेजबानों की बढ़त सिर्फ 16 रनों तक पहुंची थी और चार विकेट ही शेष थे। चूंकि दिनुशा ने पहली पारी में भी नुवांथा संग अर्धशतकीय भागीदारी से मेहमान खेमे को परेशान किया था, लिहाजा यह देखना दिलचस्प था कि भारतीय गेंदबाज इन दोनों के साथ बचे विकेट कितनी जल्दी निकाल पाने में सफल हो पाते हैं ताकि जीत के लिए कम लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सके। लेकिन आशंका सच साबित हुई और मेहमान गेंदबाज श्रीलंका के बचे चार बल्लेबाजों को समय रहते नहीं निबटा सके।
A coming-of-age series for Sri Lanka's Sonal Dinusha 👏#WTC27 | Read more ➡️ https://t.co/7z0OHGObOc pic.twitter.com/BVO7tdKVta
— ICC (@ICC) August 27, 2026
नवांथा व दिनुशा ने पहले सत्र में जोड़े 100 रन
दिनुशा ने इस दौरान नुवांथा संग पहले सत्र में 100 रन जोड़ते हुए लंच (6-329) लंच निकाला। हालांकि नुवांथा दूसरे सत्र की चौथी गेंद पर मानव सुथार (3-121) के शिकार बने तो फिर भारत की उम्मीद जगी क्योंकि उस समय मेजबान दल 117 रन ही आगे था। उधर रवींद्र जडेजा (3-94) ने प्रबाथ जयसूर्या (दो रन, 28 गेंद, 54 मिनट) को 355 के योग पर चलता किया।

लाहिरु संग दो घंटे में 47 रन जोड़कर दिनुशा ने मैच भारत की पकड़ से बाहर किया
लेकिन दिनुशा हार मानने वाले नहीं थे। उन्होंने अब लाहिरु कुमारा (12 रन, 90 गेंद, 121 मिनट, एक चौका) को लगभग दो घंटे तक सामने वाले छोर पर खड़ा करते हुए पहले चाय (8-383) निकाली, फिर तीसरे सत्र के पहले ही ओवर में सिराज की पहली गेंद पर दो रन लेकर 196 गेंदों पर लगातार दूसरा व सीरीज का अपना तीसरा शतक पूरा किया। हालांकि जडेजा ने 145वें ओवर में लाहिरू को अपना तीसरा शिकार बनाकर नौवें विकेट की 47 रनों की साझेदारी तोड़ी (9-402) तो भारत की पकड़ से मैच दूर हो चुका था क्योंकि श्रीलंका तब तक 189 रन आगे निकल चुका था।

दिनुशा ने इसके बाद भी दृढ़ता जारी रखी। उन्होंने असिथा फर्नांडो (शून्य, 24 गेंद) का साथ पाकर 34 मिनट में और नौ ओवर बिताया। इस दौरान गिल, यशस्वी व जुरेल ने भी गेंदबाजी में हाथ आजमाए। खैर, खेल समाप्ति के निर्धारित समय से लगभग पौन घंटे पहले 154वें ओवर के बाद श्रीलंका ने पारी घोषित की, तब भारतीय कप्तान के सामने ड्रॉ के लिए हाथ मिलाने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा था।


