काठमांडू/नई दिल्ली, 27 अगस्त। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आए फ्लैश फ्लड से नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस विनाशकारी फ्लैश फ्लड में गुरुवार देर रात तक मृतकों का आंकड़ा 392 तक जा पहुंचा था जबकि 1,500 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनकी तलाश के प्रयास लगातार जारी हैं।

नेपाली सेना ने त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों का रेस्क्यू किया
इस बीच, त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों का नेपाली सेना की टीम ने रेस्क्यू किया है। इस हाइड्रोपावर में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे। नेपाली सेना ने टनल में फंसे सभी मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया है।

वहीं, नेपाल सरकार के प्लेनेट लैब्स और लैंडसैट की सैटेलाइट तस्वीरों विश्लेषण से मिली रिपोर्ट के मुताबिक रसुवागढ़ी सीमा से करीब 18 किलोमीटर ऊपर लेंडे नदी का बहाव पूरी तरह बंद हो गया है। इस रुकावट के कारण तटीय क्षेत्र में एक अस्थायी झील बन गई है। नेपाल सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक झील का बांध टूटने से निचले इलाकों में अचानक भीषण बाढ़ आने का बड़ा खतरा बना हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने कहा – 290 भारतीय नागरिकों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा
इधर नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बताया कि भोटेकोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद से 290 भारतीय लापता हैं, जिनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस बाढ़ ने हिमालयी देश में तबाही मचा दी है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि रसुवा जिले में त्रिशुली-वन परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है, जिनमें तमिलनाडु के 21 भारतीय शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे।
Update on Indian nationals impacted by the floods in Nepal ⬇️ pic.twitter.com/w6ZLmSydlg
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 27, 2026
बचाए गए 63 भारतीय नागरिकों की सूची भी जारी
विदेश मंत्रालय ने बचाए गए 63 भारतीय नागरिकों की सूची भी जारी की है। बचाए गए लोगों की सूची में सुमित कुमार खरे, मुकेश कुमार, सचिन कुमार, जसमंत सिंह, चंदन तिवारी, देवन कुमार शाह, अमरेंद्र कुमार यादव, ओम प्रकाश यादव, संपत कुमार, नीरज कुमार ठाकुर, जय हांसदा, सुनील कुमार सिंह, उपेंद्र बरनमल, राहुल कुमार गुप्ता, नीरज कुमार पटेल, सनोवर आलम, उपेंद्र भासिन, योगेश कुमार, मोहम्मद अकरम आलम शामिल हैं। एमडी इंजमामुल हक, अभिषेक कुमार, अभिषेक यादव, मंगल सिंह, पंकज कुमार शाह, नीलेश कुमार, आशुतोष मनकोपाध्याय, लक्ष्मण तिवारी और गांगुली पटेल के नाम शामिल हैं।
Update on Indian nationals rescued in Nepal.
Please see the names of 63 Indian nationals working at Trishuli-I project in Nepal who have been rescued:
Details below ⬇️ pic.twitter.com/NdXEwgZmYN
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 27, 2026
इसी तरह, बचाए गए अन्य व्यक्तियों में शामिल हैं: इंद्रजीत कुमार, ज्ञान सिंह, जय कृष्ण, शाहरुख, निपिंदर मंडल, सद्दाम हुसैन, राज कुमार तिवारी, आलोक कुमार शाह, अरुण कुमार शाह, सत्येन्द्र कुमार सिंह, बिट्टू कुमार, आदि अबेद बसुमतारी, केके पांडे, अभिषेक तिवारी, आकाश, प्रदीप, रंजन कुमार, पवन लोधी, अनिल, विजय प्रसाद, नारायण बहादुर, जन्मेजय सिंह, सुनील गिरी, रोशन कुमार, विशमर सिंह, सुहैल मुस्तफा, नीलेश, प्रमोद गुप्ता, जीतेन्द्र राम, नितेश कुमार सिंह, निजाउदीन, कवि कुमार, रोहित वर्मा।
नेपाल बाढ़ में महाराष्ट्र के 114 पर्यटक फंसे
इस बीच नेपाल बाढ़ में महाराष्ट्र के कम से कम 114 पर्यटकों के वहां फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार इनमें से 53 पर्यटकों के ‘सागा मानसरोवर’ क्षेत्र में सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है। बाढ़ में फंसे 114 लोगों में से लगभग 61 पर्यटक ‘रिचा टूल्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की ट्रैवल एजेंसी के जरिए यात्रा पर गए थे जबकि अन्य लोग व्यक्तिगत रूप से नेपाल पहुंचे थे।
इन राज्यों के भी वाशिंदों की भी कोई खबर नहीं
प्राप्त जानकारी के अनुसार लापता भारतीय नागरिकों में महाराष्ट्र के अलावा बंगाल के 32, केरलम के 53, तमिलनाडु-पुडुचेरी के 37 और कर्नाटक के 13 लोग शामिल हैं, जिनकी कोई खोज-खबर नहीं मिल पा रही है।


