मुंबई, 10 सितंबर : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बीच भारतीय शेयर बाजार ने 10 सितंबर को सधी हुई शुरुआत की। कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बने रहे। बैंकिंग, एनर्जी और पीएसयू शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100.18 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 74,864.41 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 करीब 40.15 अंक यानी 0.08 फीसदी चढ़कर 23,471.65 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में शुरुआती दौर में कुल 1,378 शेयरों में तेजी, 955 शेयरों में गिरावट और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
ONGC में 1.73% की तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का फायदा ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के शेयर को मिला। ONGC का शेयर 1.73 फीसदी चढ़कर ₹238.08 पर पहुंच गया और शुरुआती कारोबार में निफ्टी का टॉप गेनर बना।
इसके अलावा एक्सिस बैंक (+0.52%), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (+0.52%), ITC (+0.50%), कोल इंडिया (+0.50%), बजाज फिनसर्व (+0.49%) और सिप्ला (+0.48%) में भी खरीदारी देखने को मिली।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट
दूसरी ओर टेक्नोलॉजी और ऑटो सेक्टर के कुछ शेयरों पर दबाव देखने को मिला। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 1.02 फीसदी गिरकर सबसे बड़ा लूजर रहा।
इसके अलावा HCL टेक (-0.63%), इन्फोसिस (-0.55%), टेक महिंद्रा (-0.52%), टाटा स्टील (-0.52%), श्रीराम फाइनेंस (-0.46%) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (-0.34%) भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
PSU बैंक और एनर्जी इंडेक्स में मजबूती
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 0.87 फीसदी की सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी एनर्जी 0.45 फीसदी, निफ्टी PSE 0.43 फीसदी, निफ्टी बैंक 0.33 फीसदी और निफ्टी IT 0.22 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, निफ्टी MNC में 0.20 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.18 फीसदी और निफ्टी रियल्टी में 0.05 फीसदी की मामूली गिरावट देखने को मिली।
क्रूड ऑयल और जियोपॉलिटिकल तनाव पर बाजार की नजर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम जोखिम बना हुआ है। ऊंची क्रूड कीमतों से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमतों, मिडिल ईस्ट के तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर बैंकिंग, एनर्जी और अन्य प्रमुख सेक्टरों के प्रदर्शन के साथ-साथ वैश्विक बाजारों के संकेतों पर रहेगी।


