एक दिनी सीरीज : हरफनमौला हार्दिक पांड्या का धमाल, इंग्लैंड के खिलाफ तीनों प्रारूप में बनाया अनूठा डबल

मैनचेस्टर, 17 जुलाई। चोट के कारण लंबे समय तक गेंदबाजी से दूर रहे भारतीय हरफनमौला हार्दिक पांड्या ने रविवार को यहां ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड पर धमाल ही कर दिया। गुजरात के इस 28 वर्षीय क्रिकेटर ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे व अंतिम एक दिनी अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत की शानदार जीत के दौरान वनडे करिअर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पहले 24 रन देकर चार विकेट निकाले और फिर 44 गेंदों पर फिफ्टी पूरी कर दी।

तीनों प्रारूपों में 4 विकेट व फिफ्टी का डबल हासिल करने वाले दुनिया के दूसरे क्रिकेटर

इसके साथ ही हार्दिक पाकिस्तान के मोहम्मद हफीज के बाद तीनों प्रारूपों में एक ही मैच में अनूठा डबल हासिल करने वाले भारत के पहले व दुनिया के दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं। एक दिवसीय में यह हार्दिक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने शॉर्ट गेंदों का शानदार इस्तेमाल किया और ऐसी गेंदों पर बेन स्टोक्स, लिएम लिविंगस्टोन और कप्तान जोस बटलर सरीखे बल्लेबाजों के विकेट लिए।

भारत के लिए एक वनडे में 50+ रन और 4+ विकेट

  • के. श्रीकांत (70 और 5/27) बनाम न्यूजीलैंड (विजाग,1988)
  • सचिन तेंदुलकर (141 और 4/38) बनाम ऑस्ट्रेलिया (ढाका, 1998)
  • सौरभ गांगुली (130* और 4/21) बनाम श्रीलंका (नागपुर, 1999)
  • सौरभ गांगुली (71* & 5/34) बनाम जिम्बाब्वे (कानपुर, 2000)
  • युवराज सिंह (118 और 4/28) बनाम इंग्लैंड (इंदौर, 2008)
  • युवराज सिंह (50* और 5/31) बनाम आयरलैंड (बेंगलुरु, 2011)
  • हार्दिक पांड्या (71 और 4/24) बनाम इंग्लैंड (मैनचेस्टर 2022).

तीनो प्रारूपों में हार्दिक के एक पारी में 50+ रन और 4+ विकेट

  • टेस्ट : 52* और 5/28 बनाम इंग्लैंड (नॉटिंघम, 2018)
  • वनडे : 71 और 4/24 बनाम इंग्लैंड (मैनचेस्टर, 2022)
  • टी20 : 51 और 4/33 बनाम इंग्लैंड (साउथैम्प्टन, 2022).

मेरा शरीर अब पूरी तरह ठीक है, पीठ मोड़ने में कोई परेशानी नहीं

मैच में दमदार प्रदर्शन के बाद हार्दिक ने कहा कि उनका शरीर अब पूरी तरह से ठीक है और उन्हें पीठ मोड़ने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, ‘मेरा शरीर अब ठीक है। इसलिए मैं बिना किसी परेशानी के इतनी गेंदबाजी कर पा रहा हूं। मेरे कार्यभार के प्रबंधन में कप्तान की भूमिका शानदार है। मुझे कब गेंदबाजी करनी है और कब नहीं, उन्हें इस बारे में अच्छे से पता है।’

हार्दिक ने कहा, ‘मुझे अपनी पीठ को थोड़ा मोड़ना पड़ा, अपनी योजनाओं को बदलना पड़ा, मैंने महसूस किया कि यह विकेट ‘फुल लेंग्थ’ वाली गेंद के लिए नहीं था। मैंने शॉर्ट-बॉल डालने की योजना बनाई।’

लिविंगस्टोन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा अपने बाउंसर पर जोखिम उठाना चाहता हूं। लिविंगस्टोन को भी शॉट गेंद पसंद है। उसने मेरी गेंद पर दो छक्के जड़े लेकिन उसके विकेट लेने से मैच में काफी फर्क आया।’

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