लखनऊ, 8 मई। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनावी महाधांधली और महाबेईमानी देखकर लगा कि अब लड़ाई केवल चुनाव प्रक्रिया बचाने की नहीं बल्कि देश को बचाने की है।
आजादी से पहले भी और आजादी के बाद भी देश विरोधी हैं भाजपाई
सपा मुख्यालय से जारी एक बयान के अनुसार अखिलेश ने पश्चिम बंगाल दौरे से लौटने के बाद कहा कि आज देश उन हाथों में है, जो संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण, स्वतंत्रता, समता, न्याय, गरिमा, एकता-अखंडता, सद्भाव, बंधुत्व, महिलाओं के मान-सम्मान तथा युवाओं, किसानों, मजदूरों, शोषित, वंचित और गरीब, यानी पीडीए के हक और अधिकारों के घोर विरोधी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाई और उनके संगी-साथी आजादी से पहले भी देश के विरोधी थे और आजादी के बाद भी ऐसे ही हैं।
देशवासियों के सामने उठाए कई सवाल
सपा प्रमुख ने कहा, ‘अब देशवासियों को समझना होगा कि देश की एकता और व्यवस्था को कमजोर करने वाले ये लोग किसके एजेंट हैं? स्वदेशी की बात कर विदेश से पैसा लेने वाले ये लोग कौन हैं? ये संगठन गैर पंजीकृत क्यों हैं और भूमिगत क्यों रहते हैं? कोविड के नाम पर जमा चंदे का हिसाब क्यों नहीं देते हैं?’ उन्होंने पूछा, ‘योजना आयोग खत्म कर देश का विकास क्यों रोका गया? शिक्षा पर कब्जा कर देश की मानसिक शक्ति खोखली क्यों की जा रही है? सरकारी स्कूल बंद कर आम जनता के बच्चों को अनपढ़ रखने का षड्यंत्र क्यों रचा गया?’
‘देश को बचाना होगा और देश की नई आजादी के लिए तिरंगा उठाना होगा’
अखिलेश ने कहा कि विश्वगुरु का दावा करने वाले, विदेश भागे देश के लुटेरों को वापस क्यों नहीं ला रहे? उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिकता फैलाकर एकता तोड़ने और राजनीतिक दलों को तोड़कर राज-व्यवस्था नेस्तनाबूद करने पर वे क्यों आमादा हैं? उन्होंने कहा, ‘अब निर्णायक समय आ गया है। हम सबको मिलकर इन देश विरोधी नकारात्मक ताकतों को हमेशा के लिए हराना होगा, देश को बचाना होगा और देश की नई आजादी के लिए तिरंगा उठाना होगा।’

