नई दिल्ली, सात अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने बुधवार को भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन किया। इसी क्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद और नेता बसों के जरिये जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल की ओर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और हिरासत में ले लिया था। हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
जंतर-मंतर जाते समय हिरासत में लिए गए सभी विपक्षी सांसद रिहा
हिरासत से रिहाई के राहुल गांधी ने हुंकार भरी कि वह पीएम मोदी, अमित शाह व ज्ञानेश कुमार सहित पूरी व्यवस्था को न्याय के कटघरे में लाएंग। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘मैं I.N.D.I.A. गठबंधन के हर उस सांसद का शुक्रगुज़ार हूं, जो हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए मज़बूती से खड़ा है -संसद में, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास। वे मार्च रोक सकते हैं। बैठक से इनकार कर सकते हैं। लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छा को नहीं रोक सकते। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और पूरी व्यवस्था को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।’
I am thankful to every INDIA alliance MP standing firm in defence of our democracy – in Parliament, outside on the streets, and today near Jantar Mantar.
They can stop a march. They can refuse a meeting. But they cannot stop the will of our people.
Narendra Modi, Amit Shah, Gyanesh Kumar and the entire system will be brought to justice.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 7, 2026
प्रियंका गांधी अन्य महिला नेताओं संग सड़क पर ही लेट गईं
इसके पूर्व जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल की ओर जाते समय जब पुलिस ने विपक्षी सांसदों को बीच रास्ते में रोका तो वे मध्य दिल्ली में शांगरी-ला होटल के पास गोल चक्कर पर ही धरने पर बैठ गए जबकि प्रियंका गांधी दूसरी महिला नेताओं के साथ सड़क पर लेटी रहीं और उनके हाथ में संविधान की एक प्रति भी थी।

पुलिस ने राहुल व प्रियंका को जबर्दस्ती धरने से उठाकर बस में बैठाया
हालांकि, पुलिस ने राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को जबर्दस्ती हटाया और हिरासत में ले लिया। मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी जमा हो गए। सुरक्षाकर्मियों ने पहले राहुल गांधी को जबर्दस्ती हटाया और उन्हें अपने कंधों पर उठाकर पुलिस बस के अंदर डाल दिया।

हिरासत में लिए जाने के दौरान भी राहुल गांधी ने कहा था, ‘नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार चाहे जो कर लें। हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे। ये मेरी गारंटी है कि हम उन चारों को न्याय के कटघरे में लेकर आएंगे।’
We are not going to stop protesting till Gyanesh Kumar resigns.
This is a fight to protect the most sacred thing in this country.
There is nothing that Narendra Modi and Amit Shah can do that will stop us. https://t.co/MgvabcQPPR
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 7, 2026
वहीं प्रियंका गांधी ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे सांसदों के साथ वो कैसा बरताव कर रहे हैं। वो हम सांसदों की पिटाई कर रहे हैं। पुलिस वालों ने मुझे कई जगह खरोंच पहुंचाई। उन्होंने हमें धक्का देकर ज़मीन पर गिरा दिया। अब तो हम यहां से नहीं हटने वाले। मैं यहां से नहीं हटूंगी।’
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और उदय भानु चिब समेत कुछ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ले जा रही बस के ऊपर से उतरे जबकि मुमताज पटेल उसके बोनट पर बैठी रहीं। इसके बाद महिला पुलिस की एक बड़ी टीम ने प्रियंका गांधी और सड़क पर लेटी दूसरी महिलाओं को हटाना शुरू कर दिया। उन्हें जबरन हटाकर बसों में बैठाया गया और धरनास्थल से ले जाया गया।
राजद सांसद मनोज झा बोले- पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया
पुलिस ने राजद सांसद मनोज कुमार झा को भी हिरासत में लिया। इस दौरान झा ने कहा, ‘उन्होंने (पुलिस ने) बेरहमी से लाठीचार्ज किया। इसके लिए ज्ञानेश कुमार, अमित शाह और मोदी जी सभी जिम्मेदार हैं। हमने वर्षों से ऐसे दृश्य नहीं देखे थे। यह क्रूरता की हद है। आपकी पोल खुल गई है. आप सब कायर हैं।’
इससे पहले दिन में विपक्षी सांसदों ने मध्य दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में लंच मीटिंग की, जहां से वे बसों के जरिये जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़े। लेकिन बीच रास्ते में पुलिस ने सभी को रोक लिया।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को भी राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें आकाशवाणी भवन के पास बीच रास्ते में ही रोक दिया था. जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में ही धरना शुरू कर दिया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने रात में सबको वहां से हटा दिया था।
स्मरण रहे कि देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारी विवाद और वोट चोरी के आरोपों के बाद विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर हैं और उन्हें हटाने की मांग कर रही हैं।


