नई दिल्ली, 19 अगस्त। बिहार में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई पर ले जाने और भारत-नेपाल सीमा तक आवाजाही को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े फोर-लेन हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार को बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को फोर-लेन मानकों में अपग्रेड करने की मंजूरी प्रदान की।
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन फोर-लेन मानकों में अपग्रेड किया जाएगा
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3590.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 82.578 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट हाइब्रिड एंनुटी मॉडल से बनाया जाएगा। यह हाईवे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा को मुजफ्फरपुर में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का हिस्सा रहे NH-27 से सीधे जोड़ेगा।
✳️यह सड़क भारत–नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा को NH-27 पर स्थित मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ेगी। NH-27, पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर का हिस्सा है।
✳️यात्रियों और माल की आवाजाही तेज और सुरक्षित होगी, जिससे यात्रा आसान होगी।
✳️प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों तक पहुंच बेहतर… pic.twitter.com/bLyoDXmWEs
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हाईवे पर गाड़ियों की एवरेज स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी
इस फोर-लेन हाईवे को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इस पर गाड़ियों की एवरेज स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। इस हाईवे पर बीच में कोई एट-ग्रेड मीडियन ओपनिंग नहीं होगी। इससे गाड़ियों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार से हो सकेगी।
कई प्रमुख इलाकों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी
प्रोजेक्ट पूरा होने से रूट पर पड़ने वाले घनी आबादी वाले कई प्रमुख इलाकों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इनमें मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नीसैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुतही और सोनबरसा शामिल हैं। इस अपग्रेडेड कॉरिडोर से यात्रियों और माल ढुलाई के समय में भारी बचत होगी। साथ ही ईंधन की खपत और वाहनों के रखरखाव पर भी कम खर्च होगा।
➤ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH)-22 के मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को 4-लेन में उन्नत करने को मंजूरी दी।
➡️ परियोजना की कुल लंबाई 83 किमी है और इसके लिए लगभग ₹3,591 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
➡️ इस मार्ग पर कई प्रमुख पर्यटन स्थल स्थित हैं। यह… pic.twitter.com/yWiZmFezoi
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पीएम गतिशक्ति से जुड़ेगा नेटवर्क
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस हाईवे की प्लानिंग पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स नोड्स की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए की गई है। यह कॉरिडोर 5 पीएम गतिशक्ति इकोनॉमिक नोड्स को जोड़ेगा। इनमें चार इंडस्ट्रियल एस्टेट और एक मेगा फूड पार्क शामिल हैं।
इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स नोड्स को बूस्ट
इसके अलावा यह चार सोशल नोड्स और मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों पर स्थित दो लॉजिस्टिक्स नोड्स से भी कनेक्ट होगा। यह नया रूट पहले से मौजूद NH-31 और NH-122 जैसे कॉरिडोर, बरौनी सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा नदी के किनारे बने रिवराइन लॉजिस्टिक्स हब्स के साथ कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा।
भारत-नेपाल के बीच कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा
सोनबरसा और पास में भिठ्ठामोड़ में स्थित लैंड पोर्ट के जरिए यह फोर-लेन हाईवे भारत और नेपाल के बीच सीमा पार यात्रियों और कार्गो की आवाजाही को बेहद आसान बनाएगा। इस 82.578 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में बड़े स्तर पर सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार होंगे। इसपर सात बड़े पुल होंगे, जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर बनने वाला 340 मीटर लंबा एक प्रमुख पुल भी शामिल है। इसके अलावा तीन रेलवे ओवरब्रिज और दो फ्लाईओवर भी होंगे।
इस नए हाईवे से इलाके की कृषि सप्लाई चेन को बहुत मजबूती मिलेगी। किसान अपनी उपज को तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। यह रूट धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक जाने वाले लोगों के लिए भी काम का साबित होगा। इस कॉरिडोर से बौद्ध सर्किट और सीतामढ़ी में स्थित प्रसिद्ध जानकी पुनौरा धाम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सड़क कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा।


