सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने निकाली एकता दौड़, नशामुक्त भारत का लक्ष्य दोहराया

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के तहत आयोजित ‘एकता दौड़’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में शाह ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल भारत का इतिहास बदला, बल्कि देश के भूगोल की संरचना भी की। अनेक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर उन्होंने अखंड भारत का निर्माण किया।

1218 दिनों में किया असंभव कार्य

अमित शाह ने कहा कि जब देश आजाद हुआ था, तब दुनिया के कई लोगों को लगता था कि आजादी के बाद भारत बिखर जाएगा। लेकिन सरदार पटेल ने मात्र 1218 दिनों में अखंड भारत की रचना करने के साथ वह कर दिखाया, जिसे दुनिया असंभव मानती थी। उन्होंने भारत के भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकीकरण के लिए सफल प्रयास किए और देश को एक सूत्र में बांधा।

नशामुक्त भारत विकसित भारत का पहला चरण

गृह मंत्री ने कहा कि इसी वर्ष 31 मार्च को देश नक्सलवाद से मुक्त होकर नशामुक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में पहला चरण नशामुक्त भारत का निर्माण है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशे से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नशामुक्त भारत का निर्माण देश के युवाओं और उनके भविष्य के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि साबित होगा।

अनुच्छेद 370 हटाने और नक्सलवाद की समाप्ति को बताया बड़ी उपलब्धि

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। इनमें अनुच्छेद 370 हटाकर कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ना, देश से नक्सलवाद समाप्त करना और एक देश, एक कर प्रणाली लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों के साथ नशामुक्त भारत का निर्माण युवाओं के भविष्य के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण कार्य होगा।

‘विविधता हमारी कमजोरी नहीं, सबसे बड़ी ताकत’

गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता देश की कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी शक्ति है। यही सरदार पटेल का संदेश था और इसी भावना के साथ देश को आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि संवाद, विश्वास और समावेशी सोच के माध्यम से पिछले 80 वर्षों में भारत ने एक साझा राष्ट्रीय पहचान बनाई है। देश में भाषाएं, वेशभूषाएं, सांस्कृतिक मान्यताएं और धर्म अलग-अलग हैं, लेकिन देश हमेशा एकजुट रहा है।

सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल की अहम भूमिका

अमित शाह ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के माध्यम से देश ने सभ्यता और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का अनुभव किया है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की संकल्पना भी सरदार पटेल ने ही की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलें देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में ऊंचा स्थान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से सरदार पटेल को मिला वैश्विक सम्मान

शाह ने कहा कि सरदार पटेल को कई वर्षों तक उनके कार्यों के अनुरूप सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने विपक्ष पर सरदार पटेल को भुलाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सूर्य के प्रकाश को कोई ढक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की परिकल्पना की और उसका शिलान्यास किया। इस प्रतिमा ने पूरे देश के सामने सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व को प्रतिष्ठित किया।

पुलिस बलों की परेड के जरिए दिया जाएगा एकता का संदेश

अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी स्थान से देशभर के पुलिस बलों की परेड की सलामी लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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